वर्ष के अन्तिम दिनों में भी केन्द्र सरकार ने हवाई सेवा के लिए कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया
बिलासपुर. अखण्ड धरना के 217वें दिन आज समिति के सदस्य धरने पर बैठी । समिति के सदस्य आंदेालन में हर संभव और सतत् सहयोग की घोषणा करते हुये बिलासपुर से महानगरों तक सीधी हवाई सेवा की मांग दोहराई और कहा आज इस वर्ष का अन्तिम दिन है और केन्द्र सरकार इस अन्तिम दिन में भी कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाये और न ही बिलासपुर की जनता के उम्मीद में खरे उतरे।
सभा में बोलते हुए देवेन्द्र सिंह बाटू ने कहा कि यहां 200 दिवस से बिलासपुर व बिलासपुर के बाहर से बड़े – बड़े बुद्धिजीवी हवाई सेवा मांग के समर्थन में आकर धरने पर बैठ रहे है, पोस्टकार्ड लिख रहे है लेकिन केन्द्र सरकार अभी भी इस मामले में संज्ञान नही ले रही है। उक्त स्थिति उग्र आंदोलन के लिए बिलासपुर की जनता को मजबूर कर देगी। देवेन्द्र सिंह ने आगे उग्र स्वर में कहा कि हर आंदोलन बलिदान मांगता है और हम सभी जब तक हवाई सुविधा न मिले तब तक हार नहीं मानेंगे। बिलासपुर में युवाओं के लिए रेाजगार और पढाई के अवसर हवाई सुविधा न होने के कारण काफी कम हो गये हैं, वहीं ख्ेाल-कूद और सांस्कृतिक क्षेत्र मे भी अच्छे आयोजन नही हो पाते इस कारण यह हवाई सुविधा की मांग जायज है।
समीर अहमद ने कहा कि बिलासपुरवासी शहर के विकास के लिए एक जायज हवाई सुविधा की मांग को लेकर राघवेन्द्र सभा भवन बिलासपुर में धरने पर बैठ रहे है, परन्तु शायद बिलासपुर से दिल्ली तक इस मांग की आवाज जा नहीं पा रही है । राज्य सरकार के द्वारा आवश्यक राशि प्रदान की गयी है, परन्तु केन्द्र सरकार के द्वारा की जा रही पहल को तेज किये जाने की जरूरत है और जब तक हवाई सेवा प्रारंम्भ नहीं हो जाता हम पीछे नहीं हटेंगे और हवाई सेवा सुविधा प्रांरम्भ कर मानेंगे। धरना आंदोलन में धर्मजी सिंह एवं अशोक अग्रवाल शामिल हुए और समिति के सदस्यों में देंवेन्द्र सिंह बाटू, समीर अहमद, दिनेश रजक, पवन पाण्डेय, शिवा मुदलियार, नरेश यादव, संतोष पिपलवा, विभूति भूषण गौतम, संजय पिल्ले, पप्पू तिवारी, नवीन वर्मा, अकील अली, ब्रम्हदेव सिंह, बद्री यादव, गोपाल दुबे, बबलू जार्ज, अकील अली, पंकज सिंह उपस्थित हुये।