विकास का ‘खजांची’ बाजार में लगाता था पैसे, नोटबंदी के पहले सूद पर दिए 6 करोड़
नई दिल्ली. यूपी एसटीएफ को जांच के दौरान अहम जानकारी मिली है. ये जानकारी कानपुर एनकाउंटर के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी रहे जय बाजपेयी से जुड़ी है. एसटीएफ को जांच में पता चला है कि ब्याज के पैसों को बाजार में लगाने में जय बाजपेयी, विकास दुबे की मदद करता था. नोटबंदी के पहले करीब 6.30 करोड़ रुपए की कैश धनराशि विकास दुबे ने 2% सूद पर चलाने के लिए जय बाजपेयी को दी थी.
जय बाजपेयी ने इस 2% को 5% करके मार्केट में कई कारोबारियों को दिया था. इसके बाद इस तरह की कई बड़ी धनराशि ब्याज पर कारोबारियों को जय वाजपेयी ने दी हुई थी जो पैसा विकास दुबे, जय बाजपेयी को देता था. विकास दुबे को एक फॉर्च्यूनर गाड़ी कानपुर के एक बड़े उद्योगपति ने 2015 में गिफ्ट की थी. इसके अलावा जय बाजपेयी के जरिये ही विदेश में पैसा इंवेस्ट होने की बात एसटीएफ को पता चली है.
बता दें कि 2 जुलाई की रात को विकास दुबे ने बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों के जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था. इसके बाद वह फरार था लेकिन बाद में उज्जैन से पकड़ा गया. 10 जुलाई को गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया. यूपी एसटीएफ ने एक बयान में शुक्रवार को बताया कि टीम विकास दुबे को लेकर जैसे ही कानपुर पहुंची, वह गाड़ी में सुरक्षाकर्मियों के पिस्तौल छीनने लगा. इसी बीच बैलेंस बिगड़ने के चलते गाड़ी पलट गई. गाड़ी पलटते ही विकास दुबे भागने लगा और पुलिस पर फायरिंग भी की. पुलिसकर्मियों ने अपने बचाव में गोलियां चलाईं. जिससे विकास दुबे
घायल हो गया. विकास दुबे को फौरन सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया.