विदेशी लीग में खेलने पर युवराज बोले- इस वजह से सामने खड़ी होती है बड़ी चुनौती


पिछले चार महीनों से क्रिकेटर फैंस के साथ अपने अनुभवों को शेयर कर रहे हैं. टीम इंडिया के पूर्व आलराउंडर ने इस कड़ी में एक कदम आगे बढ़ते हुए विदेशी लीग में खेलने के अनुभव शेयर किए हैं. युवराज सिंह ने पिछले साल जून में संन्यास का एलान किया था. संन्यास लेने का बाद युवराज टी-20 कनाडा और टी-10 में हिस्सा लिया. युवराज सिंह इंडिया के पहले खिलाड़ी हैं जिन्हें विदेशी लीग में खेलने का मौका मिला.

युवराज ने कहा, “संन्यास लेना अच्छा रहा. मैं कुछ अंतर्राष्ट्रीय लीग में खेल चुका हूं. मुझे वहां काफी मजा आया. मैं कनाडा में खेला और ऐसा पहली बार था कि मैं पंजाबी समुदाय के सामने खेल रहा था.” कनाडा टी-20 लीग में टोरंटो नेशनल्स के साथ खेलने के अलावा युवराज ने टी-10 लीग में भी अपने हाथ आजमाएं हैं. उन्होंने कहा कि यह प्रारूप काफी अलग है.

युवराज ने कहा, “इसके बाद मैं टी-10 लीग में खेला. हम लोग बूढ़े हो रहे हैं लेकिन खेल काफी तेज हो रहा है. मुझे लगता है कि यह प्रारूप काफी मुश्किल है. टी-20 में आपको कम से कम कुछ गेंदे मिलती हैं लेकिन टी-10 में अगर एक भी खाली गेंद निकलती है तो दबाव होता है. आपको दूसरी और तीसरी गेंद से ही मारना होता है.”

विदेशी लीग में खेलने वाले अकेले भारतीय हैं युवराज

बीसीसीआई ने अब तक सिर्फ युवराज सिंह को ही विदेशी लीग में खेलने की अनुमति दी है. हाल ही में हरभजन सिंह ने बीसीसीआई से भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने देने की इजाजत को लेकर अपील की.

हरभजन सिंह के अलावा इरफान पठान, सुरेश रैना और अंबाती रायडू जैसे खिलाड़ी भी विदेशी लीग में खेलने की इजाजत मांग चुके हैं. लेकिन बीसीसीआई पहले ही साफ कर चुका है कि युवराज सिंह स्पेशल केस थे और अभी किसी और खिलाड़ी को विदेशी लीग में खेलने की इजाजत नहीं मिलेगी.

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