वीगर मुसलमानों पर China के अत्याचारों के खिलाफ Nepal में प्रदर्शन


काठमंडू. नेपाल की यात्रा पर पहुंचे चीन के रक्षा मंत्री को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा. नेपाल के पखोरा में मुसलमानों ने चीन के शिनजियांग प्रांत में वीगर मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया. इस दौरान चीन विरोधी नारेबाजी भी की गई.

Mosques गिराने का विरोध
भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला की नेपाल की दो दिन की यात्रा के बाद रविवार को चीन (China) के रक्षा मंत्री वेई फेंघे नेपाल (Nepal) पहुंचे हैं. जैसे कि नेपाल में रहने वाले मुस्लिमों को फेंघे के दौरे के बारे में पता चला, उन्होंने चीन विरोधी प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने शिनजियांग प्रांत (Xinjiang province) में गिराई गईं हजारों मस्जिदों के खिलाफ भी आवाज उठाई. उन्होंने कहा कि चीन में वीगर मुसलमानों (Uighur Muslims) का बड़े पैमाने पर शोषण किया जा रहा है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर ध्यान देना चाहिए.

उठाते रहेंगे आवाज
चीन में वीगर मुस्लिमों पर जारी अत्याचार उजागर करते हुए मुस्लिम कल्याणकारी समाज के बैनर तले नेपाल के पोखरा में विरोध प्रदर्शन किया गया. रविवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरा और चीन विरोधी नारेबाजी की. समुदाय के नेताओं ने कहा कि वीगरों के शोषण के खिलाफ वह आवाज उठाते रहेंगे. बता दें कि कुछ दिन पहले भी नेपाल में चीन को लेकर इसी तरह के प्रदर्शन हुए थे.

Rape की घटनाएं हैं आम
पिछले कई वर्षों से लाखों पूर्वी तुर्किस्तान के लोग, जिनमें से ज्यादातर मुस्लिम धर्म के हैं, उन्हें शिनजियांग प्रांत में बने शिविरों में कैदियों की तरह रखा जा रहा है. उन्हें तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता है. मुस्लिम महिलाओं के साथ बलात्कार के मामले में भी चीन में आम हैं. चीन के खौफनाक मंसूबों का कई बार खुलासा हो चुका है. चीन के केबल्स के नाम से पहचाने जान एवाले क्लासीफाइड दस्तावेजों में भी यह बात सामने आई है कि चीन की कम्युनिस्ट सरकार किस तरह से वीगर मुस्लिमों को नियंत्रित करने में लगी है.

America रहा है मुखर
हालांकि, चीन इन आरोपों से इनकार करता रहा है. उसका कहना है कि वीगर मुस्लिमों के साथ किसी तरह का अत्याचार नहीं हो रहा है और न ही उन्हें जबरन शिविरों में रखा गया है. गौरतलब है हि इन आरोपों के बाद कि चीन में वीगर मुस्लिमों से जबरन काम करवाया जाता है, अमेरिका ने शिनजियांग प्रांत में बनने वाले उत्पादों के आयात पर रोक लगा दी थी. अमेरिका इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाता रहा है.

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