August 22, 2020
शिवमन्दिर प्रांगण में तीज पर्व पर महिलाओं द्वारा पूजा अर्चना कर पति की लंबी आयु की कामना की गई
बलरामपुर. तीज पर्व पर महिलाओं द्वारा नगर के सभी मंदिरों के अलावा घर में भी पूजा अर्चना कर पति की लंबी आयु के लिए कामना की गई हरितालिका तीज व्रत हिंदू धर्म में सबसे बड़ा व्रत माना जाता है यह तीज का त्यौहार भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है । इसे गौरी तृतीया व्रत भी कहते हैं । भगवान शिव और पार्वती को समर्पित इस व्रत को खास तौर पर महिलाओं द्वारा यह त्यौहार मनाया जाता है वही विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य मिलता है । हरतालिका तीज में भगवान शिव माता गौरी एवं गणेश जी की पूजा का महत्व है । व्रत निराहार एवं निर्जला किया जाता है ।
महिलाओं में संकल्प शक्ति बढ़ाता है हरीतलिका का तीज का व्रत
हरितालिका तीज का व्रत महिला प्रधान है इस दिन महिलाएं बिना कुछ खाए पिए व्रत रखती हैं यह व्रत संकल्प शक्ति का एक अनुपम उदाहरण है संकल्प अर्थात किसी कर्म के लिए मन में निश्चित करना कर्म का मूल संकल्प है । इस प्रकार संकल्प हमारी आंतरिक शक्तियों का सामूहिक निश्चय है । इसका अर्थ है व्रत संकल्प से ही उत्पन्न होता है व्रत का संदेश यह है कि हम जीवन में लक्ष्य प्राप्ति का संकल्प लें। संकल्प शक्ति के आगे असंभव दिखने वाला लक्ष्य भी संभव हो जाता है । माता पार्वती ने जगत को दिखाया कि संकल्प शक्ति के सामने ईश्वर भी झुक जाता है । अच्छे कर्मों का संकल्प सदा सुखद परिणाम देता है इस व्रत का एक सामाजिक संदेश विशेषत: महिलाओं के संदर्भ में यह है कि आज समाज में महिलाएं बीते समय की तुलना में अधिक आत्मनिर्भर व स्वतंत्र हैं महिलाओं की भूमिका में भी बदलाव आए घर से बाहर निकल कर पुरुषों की बात सभी कार्य क्षेत्रों में सक्रिय हैं ऐसी स्थिति में परिवार व समाज इन महिलाओं को भावनाओं एवं इच्छाओं का सम्मान करें उनका विश्वास बढ़ाएं ताकि स्त्री व समाज सशक्त बने ।