शिवसेना को समर्थन पर बोले शिंदे, ‘धर्म-जाति की राजनीति करने वाली पार्टी को समर्थन नहीं दे सकते’

मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों में राज्य की किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. हालांकि बीजेपी और शिवसेना गठबंधन बहुमत के आंकड़े को पार कर गया है लेकिन दोनों ही पार्टियों में सीएम प्रत्याशी को लेकर खींचतान जारी है. ऐसे में कई तरह की राजनीतिक अटकलें सामने आ रही हैं. कभी कहा जा रहा है कि शिवसेना एनसीपी का समर्थन लेगी, तो कहीं कांग्रेस को भी शिवसेना को समर्थन करने की बात कही जा रही है. तमाम तरह के कयासों और अटकलों पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे (Sushil Kumar Shinde) ने कहा है कि उनकी पार्टी शिवसेना (Shiv Sena) को कभी समर्थन नहीं करेगी.
पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री और कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा, ‘महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव नतीजे आए उसमें किसी भी दल को बहुमत नही मिला है. न्यूजपेपर में चर्चाए होती रहती है कि कांग्रेस किसे समर्थन दे रही है? हमारी पार्टी धर्मनिरपेक्ष है , शिवसेना को समर्थन देने का सवाल ही नहीं है. कांग्रेस सेक्युलर पार्टी है , धर्म और जाति की राजनीति करनेवाले दल को हम समर्थन नहीं दे सकते. कांग्रेस के नेता दिल्ली में गए हैं तो मुझे जानकारी नहीं है. हमने जनादेश स्वीकार किया है , हम विपक्ष में बैठेंगे और जनता की सेवा करेंगे.
महाराष्ट्र (Maharashtra) में सत्ता के लिए खींचतान जारी है शिवसेना (Shiv Sena) और बीजेपी (BJP) के बीच मामला आगे बढ़ता न देख अब विकल्पों पर काम शुरू हो गया है. शिवेसना, एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) मिलकर सरकार बना ले यह अभी भी दूर की कौड़ी लगती है. लेकिन यह तीनों दल स्पीकर चुनाव के लिए साथ आ सकते हैं.
स्पीकर चुनाव के नतीजे काफी कुछ तय कर सकते हैं. प्रदेश में शिवसेना की शर्तों पर शिवसेना – बीजेपी की सरकार बनेगी या फिर शिवसेना- एनसीपी सरकार जिसे कांग्रेस का आउटसाइड सपोर्ट हो. यह सबा इस चुनाव के नतीजे से तय हो जाएगा. इसी के साथ इस चुनाव में शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के बीच के संभावित तालमेल का ट्रायल भी हो जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक़ इस बारे में पिछले दरवाजे से बातचीत चल रही है. शिवसेना की तरफ से संजय राउत, एनसीपी से बात कर रहे हैं. जबकि शिवसेना की कांग्रेस से डायरेक्ट बातचीत नहीं हो रही है. बल्कि एनसीपी कांग्रेस से बात कर रही है. यानी एनसीपी फिलहाल शिवसेना और कांग्रेस के बीच पुल का काम कर रही है. सूत्रो के मुताबिक एनसीपी प्रमुख शरद पवार चाहते हैं की स्पीकर उनकी पार्टी का हो.