सिंधु घाट में पहली बार हुआ ध्वजारोहण, बिलासपुर के कलाकारों ने दी लद्दाख में प्रस्तुति

बिलासपुर. प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली सिंधु दर्शन यात्रा इस वर्ष भी बड़े ही हर्षोल्लास से संपन्न हुई जिसका मुख्य उद्देश्य अपनी भाषा संस्कृति व धामों से नई पीढ़ी को अवगत कराना व उसे बढ़ावा देना है ।जिसमें भारतीय सिंधु सभा के द्वारा पिछले 4 वर्षों से बिलासपुर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जा रही है इसमें इस इस वर्ष भी भव्यता के साथ प्रस्तुति दी गई जिसमें *कैलाश मे वहनदी रहदी सिंधु व कहते हमको प्यार से इंडिया वाले गाने व अनेक सिंधी गानों में प्रस्तुतिें दी गई । जिसे मुख्य रूप से कलाकार दिशा केलवानी ,योगेश केमरानी ,रेशमा मोटवानी , आकांक्षा वाधवाणी,केशव बजाज, ने प्रस्तुति दी व लद्दाख के कलाकारों में ने भी प्रस्तुति दी छत्तीसगढ़ व अन्य राज्यों से भी लोग दर्शन के लिए जाते हैं इसमें इस वर्ष इस यात्रा में 24 छत्तीसगढ़ से दर्शन हेतु शामिल हुए जिसमें भाटापारा रायपुर बिलासपुर जिले से व व अन्य स्थानों से 70 से भी ज्यादा लोग सिंधु घाट में दर्शन हेतु गए ।पिंपरी साईं श्री कालिदास जी पधारे जिन्होंने जिनके सानिध्य में बेयाना उत्सव मनाया गया व सिंधु घाट पर भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लद्दाख के लोग भी शामिल हुए।सिंधु घाट में पहली बार धारा 370 हटने के बाद ध्वजारोहण किया गया वहां के रहवासी काफी खुश थे उन्हें अपने एक अलग राज्य होने पर खुशी वगर्व किया।बेराना समिति के संयोजक श्री मुरलीधर माखीजा, श्री देवीलाल लालवानी, श्री मनोज गोगिया, श्री राजेंद्र नागपाल, श्री हरीश तलरेजा ,श्रीमती विनीता भावनानी, श्रीमती सुनीता सूरत से मुख्य रूप से शामिल रहे।