सेंटर फॉर सोशल चेंज ने मनाया फाउंडेशन डे
साल 2020 सभी के लिए कुछ अलग ही रहा। जहाँ कोविड-19 आना कहर बरसा था रहा, वही कुछ लोग के लिए ये आपदा का समय एक सेवा का मौका बनाता गया। इस समय कई संस्थाओं ने ज़रूरतमंदों की मदद के सभी सम्भव प्रयास किए। जरूरतमंदों की मदद liye समर्पित संस्थाओं में से एक – सेंटर फॉर सोशल चेंज (CSC) है, जिसकी फाउंडर डायरेक्टर डॉक्टर बानी बोरा समाजसेवा के लिए हमेशा समर्पित रहती है। कोविद-19 के समय भी CSC संस्था के कदम लड़खड़ाए नहीं, सेवाकर्म इस महामारी के दौरान भी यू ही चलता रहा।
CSC के बरोला में स्थित सेंटर में पढ़ाई से ले कर अनाज तक, दवाई से ले कर रोज़गार तक, एक के बाद एक मुहीम चलती रही। इसी महामारी के बीच CSC संस्था को स्थापित हुए तीन साल पूरे हुए, एक भरपूर लेखा जोखा और अच्छे कामों का सिलसिला। इस तीन साल में CSC द्वारा बोरोला के महिलाओं और बच्चों के लिए खास कर उन तमाम लड़कियों के लिए जिन्हे पढ़ लिखकर कुछ करना था, के लिए हर सम्भव मदद की गयी। साथ ही साथ CSC ने सिखाया सपना देखना । इस तीसरा स्थापना दिवस पर, अपनी उपलब्धियों को समेत ते हुए डॉ बानी ने कहा – “CSC का काम ही इसे बाकियों से अलग बनाता है, हम किसी भी समस्या के मूल कारण पर जाते हैं और वही से शुरू होता है।”
स्थापना दिवस में भाग लेते हुए मुख्य अतिथि जांबाज़ आईपीएस ऑफ़िसर श्रीमती वृंदा शुक्ला, जो की नॉएडा में DCP महिला सुरक्षा के पद पर आसीन है ने कहा की – “शिक्षा ऐसा एक हथियार है, जो सपनो के साथ साथ, महत्वाकांक्षाों को भी पूरा कराने में सक्षम हैं।” इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए एक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। पर्यावरणविद डॉ प्रणब जे पातर, जो के काफी टाइम से CSC के जुड़े हुए है और उनकी संस्था ग्लोबल फाउंडेशन और CSC मिलकर संयुक्त रूप से जीवन और आजीविका परियोजना शुरू की थी उन महिलाओं के लिए जिनका रोजगार कोरोना-19 के वजे से अस्त ब्यस्त हो गया था, ने कहाँ के वह वाकई में अपने आप को भ्याशाली मानते है के उन्हें CSC जैसी संस्था के साथ भागीदारी का मौका मिला।
स्थापना दिवस पर भाग लेते हुए रक्षा मंत्रालय का भूतपूर्व निदेशक हिरण्य दास ने CSC के काम पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहाँ, हमारे समाज में CSC जैसे संस्थानों की बहुत जरूरत है जो जमीनी स्तर पर काम करने के लिए तैयार हैं। इस कार्यक्रम में बैंकर पुनीत शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती निशा राइ, श्रीमती करुणा भल्ला जैसे और कई लोगों ने हिस्सा लिया।