स्व-सहायता की महिलाएं कोरोना से लड़ाई में दे रहीं योगदान, एक लाख 13 हजार से अधिक मास्क तैयार किये


बिलासपुर. ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव के लिए अनेक आयाम स्थापित करने वाली स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिये अपनी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इन महिलाओं ने एक लाख 13 हजार मास्क तैयार किये हैं जो ग्राम पंचायतों एवं शासकीय कार्यालयों में निःशुल्क वितरित किये जा रहे हैं। गावों में सोशल डिस्टेंसिंग और सैनेटाइजेशन के लिए जागरूकता भी लाई जा रही है। बिलासपुर जिले में 32 स्व-सहायता समूहों की 442 महिलाएं मास्क तैयार करने के कार्य में जुटी हुई हैं। कोराना के संक्रमण के कारण पूरे भारत में लॉकडाउन है जिसको ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत द्वारा इन्हें कॉटन कपड़ा उपलब्ध कराया गया है।

ग्राम पंचायतों में निःशुल्क साबुन एवं सैनेटाइजर का वितरण
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना से बचाव के लिए अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।  कोरोना वायरस खांसने,छींकने से एक व्यक्ति से पास खड़े दूसरे व्यक्ति को प्रभावित करता है। इसे ध्यान में रखते हुए महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित मास्क एवं क्रय किये गये साबुन, सेनेटाइजर को स्वच्छता अभियान के कार्यकर्ता एवं सरपंच-सचिव जिले के सभी पंचायतों में निःशुल्क वितरित कर रहे हैं तथा इसके उपयोग एवं फायदे के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत ग्राम पंचायतों में कचरा कलेक्शन किया जा रहा है। स्वच्छताग्राहियों को सूखे कचरे के निपटान के साथ लोगों को गीले कचरे का घर में उचित निपटान किये जाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है ताकि गांवों का वातावरण साफ रहे जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव में आसानी हो सके। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्यो में कार्य कर रहे मजदूरों, पेंशन के हितग्राही एवं बी.पी.एल. परिवार के लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए कार्य करने के साथ ही निःशुल्क मास्क एवं हाथ धोने के लिए साबुन वितरण कर प्रेरित किया जा रहा है।

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