हरियाणा विधानसभा चुनावः बीएसपी ने जारी की 41 उम्मीदवारों की पहली सूची

अमृतसर. हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 (Haryana assembly elections 2019) के लिए बहुजन समाज पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है. पार्टी ने पहली लिस्ट में 41 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है. हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटों पर 21 अक्टूबर को वोटिंग होनी है और 24 अक्टूबर को नतीजे आने है. लेकिन बीएसपी ने अभी सिर्फ 41 सीटों पर ही अपने प्रत्याशियों का ऐलान किया है. पहले मायावती ने हरियाणा में दुष्यंत चौटाला ली जेजेपी से गठबंधन का ऐलान किया लेकिन बाद में इससे इनकार कर दिया था. इसके बाद कांग्रेस नेताओं की मायावती से मुलाकात को लेकर भी खबरें सामने आई थी. 

ऐसी खबर थी कि 8 सितंबर को कांग्रेस नेता भूपिंदर हुड्डा और कुमारी शैलजा ने बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने की मुलाकात की थी. यह बातचीत देर रात करीब आधे घंटे चली थी. बता दें कि 6 सितंबर को जननायक जनता पार्टी से बीएसपी ने गठबंधन तोड़ दिया था. 

गौरतलब है कि करीब 2 माह पहले बहुजन समाज पार्टी और दुष्यंत चौटाला की पार्टी जननायक जनता पार्टी ने गठबंधन किया था लेकिन यह गठबंधन चुनाव से पहले ही टूट गया. बीएसपी प्रमुख मायावती ने जेजेपी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान करते हुए कहा था कि उनकी पार्टी आने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव में अकेले चुनाव लड़ेगी.

मायावती के बाद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमने बीएसपी को 40 सीटें पर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था लेकिन पार्टी ने इनकर कर दिया. चौटाला ने कहा कि उनकी पार्टी अब 90 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी. चौटाला ने अपने एक ट्वीट में कहा, “न तो हम झुकेंगे, न ही रुकेंगे. हम अपने बलबूते लड़ेंगे.” 

इससे पहले, 6 सितंबर को मायावती ने अपने एक ट्वीट में कहा था, “बीएसपी एक राष्ट्रीय पार्टी है जिसके हिसाब से हरियाणा में होने वाले विधानसभा आम चुनाव में श्री दुष्यन्त चैटाला की पार्टी से जो समझौता किया था वह सीटों की संख्या व उसके आपसी बंटवारे के मामले में उनके अनुचित रवैये के कारण इसे बीएसपी हरियाणा यूनिट के सुझाव पर आज समाप्त कर दिया गया है.” 

उन्होंने आगे कहा, “ऐसी स्थिति में पार्टी हाईकमान ने यह फैसला किया है कि हरियाणा प्रदेश में शीघ्र ही होने वाले विधानसभा आमचुनाव में अब बीएसपी अकेले ही अपनी पूरी तैयारी के साथ यहां सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी.” 

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 से पहले मायावती ने ओम प्रकाश चौटाला की इंडियन नेशनल लोकदल के साथ गठबंधन का ऐलान किया था लेकिन जैसे जैसे चुनाव नजदीक आए मायावती की पार्टी ने इस गठंबधन को तोड़कर बीजेपी से अलग हुए राजकुमार सैनी की पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया था. हरियाणा में बीएसपी के प्रभारी मेघराज दीक्षित का कहना था कि इनेलो से गठबंधन तोड़ने की वजह चौटाला परिवार में विघटन मुख्‍य वजह बना.  




Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!