हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने रायपुर-इंदौर उड़ान की स्वीकृति पर पुनः बिलासपुर की उपेक्षा का आरोप लगाया
बिलासपुर. हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने फ्लाईकिंग कंम्पनी की रायपुर-इंदौर उड़ान को केन्द्र सरकार के द्वारा स्वीकृति देने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिलासपुर से संबंधित मांगों पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है वही रायपुर से उड़ान योजना के बाहर भी इंदौर के लिए एक और फ्लाईट स्वीकृत की गई है। समिति ने कहा कि वह रायपुर को और सुविधा मिलने के विरोध में नहीं है परन्तु केन्द्र सरकार को पहले बिलासपुर-प्रयागराज और प्रयागराज-दिल्ली रूट पर उड़ान को स्वीकृत करना चाहिए जिसका कि टेंडर एक वर्ष पहले हो चुका है और अलायंस एयर एवं स्पाईस जेट ने इसे चलाने में रूचि दिखाई है। जिस तरह रायपुर-इंदौर फ्लाईट को उड़ान योजना के बाहर स्वीकृत किया गया है उसी बिलासपुर-दिल्ली और बिलासपुर-कोलकाता उड़ाने भी स्वीकृत की जा सकती है। बिलासपुर के यात्री बिना वी.जी.एफ सब्सिडी के भी इन मार्गो पर यात्रा करने के लिए तत्पर है क्योंकि वर्तमान में वे रायपुर तक टेक्सी का किराया दो से तीन हजार रूपये अनावश्यक वहन कर रहे है, इसके अलावा समय की बर्बादी भी होती है। समिति ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि बिलासपुर से महानगरों के लिए भी सामान्य श्रेणी की उड़ानों को स्वीकृत किया जाये और उड़ान योजना के तहत हुये बिलासपुर-प्रयागराज और प्रयागराज-दिल्ली रूट का टेंडर परिणाम अविलंम्ब घोषित किया जाये। आज के 203वें दिन के धरने में संघर्ष समिति के सदस्यों ने भागीदारी की और देवेंद्र सिंह बाटू, समीर अहमद अशोक भण्डारी, सुदीप श्रीवास्तव रामदुलारे रजक, मनोज तिवारी, बद्री यादव, केशव गोरख, संजय पील्ले, रमाशंकर बघेल, नरेश यादव, राघवेन्द्र सिंह विभूतिभूषण गौतम, अकिल अली, बबलू जॉर्ज, पप्पू तिवारी, संतोष पीपलवा, निक्कू चौबे आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।