हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए जोनल रेल कार्यालय में हुआ प्रतियोगिता का आयोजन

बिलासपुर. मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री शशिप्रकाश द्विवेदी के दिशा-निर्देश में जोनल रेल कार्यालय में प्रथम दौर की मुख्य हिंदी प्रतियोगिताएं अर्थात हिंदी निबंध,हिंदी टिपपण एवं प्रारूप लेखन एवं हिंदी वाक् प्रतियोगिता का आयोजन जोनल सभाकक्ष में किया गया. इस आयोजन का समन्वय जोन के वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी विक्रम सिंह ने किया. प्रथम पाली में हिंदी प्रारूप लेखन एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न विभागों के कुल 27 कर्मचारियों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया. हिंदी निबंध का विषयः रेल कार्यालयों में राजभाषा ‘‘ िंहदी के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति एवं इसे कारगर बनाने के उपाय.‘‘ तथा ‘‘ स्वच्छता अभियान का परिणाम एवं आम नागरिकों में जागरूकता. ‘‘ रखा गया था।
एक दिवसीय प्रतियोगिता कार्यक्रम के इस आयोजन की दूसरी पाली में वाक् प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसके विषयः ‘‘ मेरे विभाग में राजभाषा हिंदी प्रयोग की स्थिति एवं इस हेतु मेरा दायित्व.‘‘ तथा ‘‘पर्यावरण को संवारने व स्वच्छता रखने में जन-जन का उत्तरदायित्व ‘‘ रखे गये थे . कर्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित होकर श्री हिमांशु जैन, सचिव/महाप्रबंधक कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई. भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक की भूमिका में वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी श्री संतोष कुमार एवं उप मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर (सा) श्रीमती शिवरंजनी पोपली वर्मा रहे जिन्होंने विभिन्न प्रतियोगियों के विचार को सुनकर उचित निर्णय लिया. परिणामस्वरूप इस प्रतियोगिता के प्रथम विजेता श्री बृजनंदन सिंह, भंडार विभाग, द्वितीय श्री मोहम्मद इमरान,कार्मिक विभाग , तृतीय मोहम्मद इमरान , परिचालन विभाग एवं प्रेरणा पुरस्कार के कुल 03 विजेता अर्थात श्री सौरभ, कार्मिक विभाग, श्री चुड़ामणी राठौर, इंजीनयरी विभाग तथा श्री मुकेश गोंडाले, भंडार विभाग रहे। वाक् प्रतियोगिता के प्रारंभ में मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री शशिप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित हिंदी वाक् प्रतियोगिता में आप सभी का स्वागत है. पूर्वाह्न में आयोजित हिंदी निबंध तथा टिप्पण – आलेखन प्रतियोगिताओं में भी आपकी उपस्थिति अच्छी रही, यह काफी सराहनीय है. इससे हिंदी का प्रचार-प्रसार बढ़ेगा और आपका ज्ञान भी. अतः राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित ऐसी प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और अन्य को भी प्रेरित करते रहें.‘सचिव/महाप्रबंधक श्री हिमांशु जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी सर्वाधिक वैज्ञानिक भाषा है, हमारी बोलचाल की भाषा है, अतः हमें इसका बेझिझक रूप से प्रयोग करना चाहिए केवल सरल शब्दों का प्रयोग करने पर बल देना चाहिए. पर्यावरण के बारे में भी मेरा मानना है कि धरती हमारी माता है और हम अपनी मॉं की कोख को सूनी नहीं रख सकते, अतः हमें अपने पर्यावरण को हर हाल में हरा रखना होगा. उक्त प्रतियोगिता में दो निर्णायक थे. प्रथम निर्णायक व उप मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर (सामान्य) ने कहा कि आप सभी ने बहुत अच्छा बोला, सभी को बधाई. पर पर्यावरण को बचाने के लिए हम सभी को दिल से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी, घर के साथ-साथ मुहल्ले को स्वच्छ रखने का प्रयास करना होगा. दूसरे निर्णायक व वरिष्ठ जन सम्पर्क अधिकारी ने भी सभी को बधाई देते हुए कहा कि हमें सर्वप्रथम जिस कार्य को करना जरूरी है उसे तो अवश्य करना चाहिए साथ ही उस कार्य को भी करने का भरसक प्रयास करना चाहिए जिसे करना लाभकारी हो. मसलन थैला व पानी का बोतल लेकर बाजार जाना, प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करना, बच्चों को इसकी शिक्षा देना, आदि. प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए राजभाषा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संपर्क अभियान चलाते हुए मोटिवेशन का कार्य किया .