होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे मरीजों को दिल्ली सरकार देगी ऑक्सी पल्स मीटर : अरविंद केजरीवाल
नई दिल्ली. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हल्के और बिना लक्षणों वाले प्रत्येक मरीज को दिल्ली सरकार ऑक्सी पल्स मीटर देगी, ताकि वे अपना ऑक्सीजन स्तर मापते रहें. यदि ऑक्सीजन स्तर गिरता है, तो उन्हें तत्काल कंसंट्रेटर के माध्यम से ऑक्सीजन मुहैया कराई जाएगी. इसके लिए सभी जिलों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तैनात कर रहे हैं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में पिछले 10 दिनों में 23 हजार नए केस बढ़े हैं, लेकिन केवल 900 अतिरिक्त बेड की ही जरूरत पड़ी है, क्योंकि बाकी मरीज हल्के या बिना लक्षणों वाले पाए गए, जिनका होम आइसोलेशन में इलाज किया जा रहा है.
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में अभी 6200 बेड भरे हैं और आज की तारीख में 7000 बेड खाली और उपलब्ध हैं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि आज पूरा देश चीन के खिलाफ दो युद्ध लड़ रहा है. एक तरफ, चीन द्वारा भेजे गए वायरस के खिलाफ हमारे डाॅक्टर और दूसरी तरफ, बाॅर्डर पर हमारे सैनिक युद्ध लड़ रहे हैं और जब तब हम जीतेंगे नहीं, तब तक देश पीछे नहीं हटेगा.
दिल्ली में 25 हजार केस एक्टिव, 33 हजार लोग ठीक हुए
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना काफी फैला हुआ है. एक तरफ, हम जनता और केंद्र सरकार के साथ मिलकर इसे काबू करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. दूसरी तरफ, जिन लोगों को कोरोना हो जाए, उनका इलाज करने की समुचित व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं. आज दिल्ली में करीब 25 हजार एक्टिव केस हैं. 33 हजार लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। 25 हजार लोगों को अभी भी कोरोना है. अस्पतालों में इस समय 6 हजार के करीब मरीज भर्ती हैं और 12 हजार लोगों का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा कि आज से ठीक एक सप्ताह पहले दिल्ली में 24 हजार एक्टिव केस थे. एक सप्ताह में केवल एक हजार केस बढ़े हैं. इसका मतलब यह है कि जितने लोग ठीक हो रहे हैं, उतने ही लोग बीमार हो रहे हैं. फिलहाल ऐसा लगता है कि कोरोना के मामलों में स्थिरता आ रही है.
प्रतिदिन करीब 18 हजार लोगों की जांच
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले दिनों हमने जांच तीन गुना बढ़ा दी है. बीच में लोगों को जांच कराने में दिक्कत आ रही थी. मैं समझता हूं कि अब लोगों को जांच कराने में दिक्कत नहीं आ रही होगी. पहले प्रतिदिन 5 हजार जांच की जा रही थी. अब प्रतिदिन 18 हजार के करीब जांच की जा रही है. बीच में कुछ लैब ने गड़बड़ी करने की कोशिश की थी, उनके खिलाफ हमने कार्रवाई की, क्योंकि गलत काम किसी को नहीं करने दिया जा जाएगा. जब उनकी जांच की गई, तो पता चला कि कुछ लैब ऐसी थीं, जो केस निगेटिव होने के बाद भी पाॅजिटिव रिपोर्ट दे रही थीं. अब सभी लैब को सख्ती के साथ कहा गया है कि सही काम करना है और पूरी क्षमता के साथ खूब जांच करनी है. केंद्र सरकार की मदद से दिल्ली में एंटीजन टेस्ट भी शुरू किए गए हैं. एंटीजन टेस्ट रैपिड टेस्ट होता है, जिसमें 15 से 30 मिनट में पता चल जाता है. इस समय दिल्ली के अंदर प्रतिदिन 18 हजार जांच हो रही है. मुझे लगता है कि अब किसी को जांच कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिन लोगों में कोरोना के हल्के लक्षण होते हैं. उन्हें हल्का बुखार है या थोड़ी सी खांसी है या कोई लक्षण नहीं है. ऐसे लोगों का इलाज घर में ही किया जाता है. हमारी टीम प्रतिदिन इन मरीजों को फोन कर हालचाल पूछती है और उनको सलाह देती है कि उन्हें क्या-क्या करना है. कोरोना में एक ही समस्या सबसे अधिक होती है कि मरीज का ऑक्सीजन लेवल गिर जाता है. मरीज को सांस लेने में तकलीफ होती है और मरीज को तुरंत ऑक्सीजन देने की जरूरत होती है. यदि मरीजों को तुरंत ऑक्सीजन मिल जाए, तो कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है. इसके लिए अब हमने तय किया है कि जितने भी होम आइसोलेशन के केस होंगे, दिल्ली सरकार अब हर होम आइसोलेशन वाले मरीज को एक आॅक्सी पल्स मीटर देगी. आप उस पल्स मीटर को घर पर रखिए. जब आप ठीक हो जाएं, तो उसे सरकार को वापस कर दीजिए. उस पल्स मीटर से आप हर घंटे-दो घंटे में अपना ऑक्सीजन मापते रहिए. यदि ऑक्सीजन स्तर कम होता है, तो हम आपको एक फोन नंबर देंगे, जिस पर आप संपर्क कर सकते हैं. हम हर जिले में एक ऑक्सीजन के कंसंट्रेटर रख रहे हैं. जानकारी मिलते ही कंसंट्रेटर ऑक्सीजन लेकर पहुंच जाएगा और आपको तुरंत ऑक्सीजन दे दी जाएगी. इसके अलावा जरूरत पड़ेगी, तो आपको अस्पताल में भर्ती कर दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार हमने देखा है कि ऑक्सीजन जल्द नहीं मिलने से अस्पताल में शिफ्ट करने तक में ही मरीज की मौत हो जाती है. इसीलिए हर जिला स्तर पर हम ऑक्सीजन कंसट्रेटर रख रहे हैं. अगर आपको जरूरत पड़ेगी, तो कंसट्रेटर तुरंत आपके घर भेज दिया जाएगा, ताकि आपको समय पर ऑक्सीजन मिल सके और आपको नियंत्रित किया जा सके. फिर आपको अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाएगा.
केंद्र सरकार से मिल रही काफी मदद
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 12 जून को दिल्ली के सारे अस्पतालों में मिला कर 5300 बेड भरे हुए थे. आज की तारीख में 6200 बेड भरे हैं. करीब 10 दिनों में केवल 900 बेड भरे हैं. इन 10 दिनों में 23 हजार नए मरीज आए हैं. इन 23 हजार मरीजों में से केवल 900 अतिरिक्त बेड की जरूरत पड़ी है. इसके दो मायने हैं. पहला, जितने लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं, उतने ही लोग ठीक होकर घर भी जा रहे हैं. दूसरा, जितने भी नए केस आ रहे हैं, उनमें गंभीर केस बहुत कम हैं. इसमें हल्के लक्षणों वाले और बिना लक्षणों वाले केस ज्यादा हैं, जिनका हम घर पर इलाज कर रहे हैं. इसलिए प्रतिदिन 50 से 100 अतिरिक्त बेड की जरूरत पड़ रही है. उतने बड़े स्तर पर फिलहाल बेड की जरूरत नहीं पड़ रही है. इसके बावजूद हम हाथ पर हाथ रख कर नहीं बैठे हैं. मुझे इस बात की खुशी है कि आज की तारीख में एक तरफ जहां 6200 बेड भरे हैं, वहीं दूसरी तरफ 7000 बेड खाली और उपलब्ध हैं. बीच में थोड़ा बेड को लेकर मारामारी हुई थी, लेकिन हमने युद्ध स्तर पर सारे प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में बात करके आपके लिए बेड का इंतजाम किया है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस दौरान हमें केंद्र सरकार से काफी मदद मिल रही है. दिल्ली सरकार केंद्र सरकार के साथ मिल कर कोरोना पर काबू पाने की कोशिश कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है. यह समय आपस में लड़ाई झगड़ा करने का नहीं है. यदि हम आपस में लड़ेंगे, तो कोरोना जीत जाएगा और यदि हम मिल कर लड़ेंगे, तो कोरोना को हरा सकते हैं.
चीन से मिल कर लड़ना है, पार्टीबाजी और गुटबाजी नहीं होनी चाहिए
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज पूरा देश मिल कर चीन के खिलाफ दो युद्ध लड़ रहा है. एक तरफ, चीन के द्वारा भेजे गए वायरस के खिलाफ और दूसरी तरफ, चीन के खिलाफ बाॅर्डर पर युद्ध लड़ रहे हैं. वायरस के खिलाफ हमारे डाॅक्टर, नर्स आदि युद्ध लड़ रहे हैं और बाॅर्डर पर हमारे सैनिक युद्ध लड़ रहे हैं. आज पूरा देश एक तरफ हमारे डाॅक्टर के साथ खड़ा है और दूसरी तरफ हमारे सैनिकों के साथ खड़ा है और इन दोनों ही युद्धों को हमें मिल कर लड़ना है. इसमें बिल्कुल भी राजनीति नहीं होनी चाहिए. इसमें कोई भी पार्टीबाजी और गुटबाजी नहीं होनी चाहिए. पूरे देश को एक होकर कोरोना के खिलाफ भी युद्ध लड़ना है और चीन के खिलाफ भी युद्ध लड़ना है. हमारे 20 जवान पीछे नहीं हटे, पूरा देश भी पीछे नहीं हटने वाला है. हम जब तक जीत नहीं जाएंगे, तब तक देश पीछे नहीं हटेगा.