January 28, 2023
नाबालिग से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड
सागर. विशेष न्यायाधीश (पाक्सों एक्ट) एवं नवम अपर-सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति मिश्रा जिला-सागर की न्यायालय ने नाबालिग के साथ छेडछाड़ करने वाले आरोपी भूपेंद्र रजक को भा.दं.वि. 1860 की धारा 354(क)(प) के तहत 01 वर्ष का सश्रम कारावास व एक हजार रूपये अर्थदण्ड एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 11 (पअ) सहपठित धारा 12 के तहत 01 वर्ष का सश्रम कारावास व एक हजार रूपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। उक्त मामले की पैरवी प्रभारी विषेष लोक अभियोजक श्री मनोज कुमार पटैल ने की । घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि कि अभियोक्त्री ने पुलिस थाना सिविल लाईन में रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक-31.07.20 के शाम 5 बजे की बात है वह किराना दुकान से सामान लेकर आ रही थी तो रास्ते में अभियुक्त भूपंेद्र रजक उसका पीछा करते हुए दौड़कर आया और बोला रूक जाओ बात करनी है वह नही रूकी दौड़ लगा दी तो अभियुक्त भूपेंद्र भी उसके पीछे-पीछे ही आ रहा था फिर अभियुक्त भूपंेद्र ने उसे अश्लील इशारे किए । फिर दिनांक-02.08.20 के दोपहर करीब 3 बजे वह अपने घर पर थी तो अभियुक्त भूपेंद्र ने उसे बुलाया और उसकेे साथ छेड़छाड़ करते हुये अष्लील बाते करने लगा तो वह डर गई और अपनी मम्मी को पूरी बात बताई। उसके बाद उसकी मम्मी व भैया अभियुक्त भूपेंद्र को समझाने गए तो भूपेंद्र नही माना और लड़ाई झगड़ा करने लगा । फिर दिनांक-05.08.2020 के सुबह करीब 8ः30 बजे वह घर के पास ही थी तो अभियुक्त भूपेंद्र रजक फिर उसे अश्लील इशारे कर रहा था तो उसने मम्मी व भैया को बताया, भैया समझाने गए तो अभियुक्त भूपेंद्र नही माना । उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया, विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये , घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-सिविल लाइन द्वारा भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 354(क)(प),354(क्),509 (2 शीर्ष) व पाॅक्सो एक्ट,2012 की धारा 11/12 (3 शीर्ष) का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया एवं अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया । जहॉ विचारण उपरांत विशेष न्यायाधीश (पाक्सों एक्ट) एवं नवम अपर-सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति मिश्रा जिला-सागर की न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुये उपरोक्त सजा से दंडित किया है।
नाबालिग से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड : नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी अबरार खान थाना-नरयावली को तृतीय अपर-सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सों एक्ट 2012) नीलम शुक्ला जिला-सागर की अदालत ने दोषी करार देते हुये धारा-354 भा.द.वि. के तहत 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पाॅच सौ रूपये अर्थदण्ड एवं धारा- 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पाॅच सौ रूपये अर्थदण्ड एवं धारा- 3(1)(डब्ल्यू)(आई) एवं धारा-3(2)(व्ही-ए) एस.सी./एस.टी एक्ट 1989 के तहत 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पाॅच सौ रूपये अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है मामले की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती रिपा जैन ने की । घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि षिकायतकर्ता / फरियादिया ने रिपोर्ट लेख कराई कि दिनॉक 11.09.2019 को सुबह 11ः00 बजे वह अपने घर से स्कूल अकेली जा रही थी तभी रास्ते में अभियुक्त अबरार मुसलमान मिला और बोला कि वह उससे शादी कर ले अगर उसने कहीं और शादी की तो वह उसे बदनाम कर देगा। बालिका के मना किया तो अभियुक्त ने बुरी नियत से बालिका का हाथ पकड़ लिया और गालियाॅ देते हुये छेड़छाड़ करने लगा और बोला कि शादी नहीं की तो तुझे जान से खत्म कर दूॅंगा। बालिका के चिल्लाने पर अभियुक्त वहाॅ से भाग गया। इससे पहले भी अभियुक्त कई बार स्कूल जाते समय कमेंट करता रहता था । स्कूल से घर आने पर घटना के बारे में अपनी माॅ एवं बडे भाई को बताया। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये , घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-नरयावली द्वारा धारा- 354,294,506 भा.द.वि. एवं 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 एवं धारा- 3(1)(डब्ल्यू)(आई) ,3(2)(व्ही-ए) ,एस.सी./एस.टी एक्ट 1989 का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजों को प्रमाणित किया गया एवं अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया । जहॉ विचारण उपरांत तृतीय अपर-सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सों एक्ट 2012) नीलम शुक्ला जिला-सागर की न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुये उपरोक्त सजा से दंडित किया है।