नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ करने वाले दोनों आरोपियों को 05-05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड

सागर .  नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ करने वाले अभियुक्तगण छोटू उर्फ युूनिस खान एवं खिलौना उर्फ सरताज खान को तृतीय अपर-सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सों एक्ट 2012) नीलम शुक्ला जिला-सागर की अदालत ने दोषी करार देते हुये भा.द.वि. की धारा-  341 के तहत 01 माह साधारण कारावास एवं पॉच सौ रूपये अर्थदण्ड, धारा- 354  के तहत 03 वर्ष सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये अर्थदण्ड, धारा- 509 के तहत 01 वर्ष साधारण कारावास एवं पॉच सौ रूपये अर्थदण्ड तथा पॉक्सों एक्ट की धारा-5(जी)/10 के तहत पॉच वर्ष सश्रम कारावास  एवं एक हजार रूपये अर्थदण्ड तथा एस.सी/एस.टी एक्ट की धारा-3(1)(डब्ल्यू)(आई) व 3(2)(व्ही-ए) (धारा-354 भादस. के लिये दिये) के तहत तीन-तीन वर्ष सश्रम कारावास एवं एक-एक हजार रूपये अर्थदण्ड, धारा- 3(2)(व्ही-ए) (धारा-341 भादस. के लिये दिये) के तहत एक माह का साधारण कारावास एवं पॉच सौ रूपये अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है। मामले की पैरवी प्रभारी उप-संचालक (अभियोजन) श्री धर्मेन्द्र सिंह तारन के मार्ग दर्शन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती रिपा जैन ने की ।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि शिकायतकर्ता/बालिका ने थाना खुरई(ग्रामीण) में दिनॉक 16.08.2021 को इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि  दिनांक 15.08.2021 को शाम करीब 6.30 बजे वह अपने घर से शौंच के लिये जा रही थी, तभी  रास्ते मे अभियुक्त छोटू मुसलमान तथा खिलौना मुसलमान मिले और अभियुक्तगण अष्लील शब्दों का उच्चारण करने लगे फिर अभियुक्तगण ने बालिका का रास्ता रोक लिया और बुरी नियत से उसके दोनों हाथ पकड़कर छेडछाड़ करने लगे। उसी समय पीछे से आ रही बालिका की मॉ चिल्लाई तो उसकी आवाज सुनकर अभियुक्तगण बालिका को छोड़कर भाग गये। जाते-जाते अभियुक्तगण बालिका से कह रहे थे कि ’’तूने हमारी बात नहीं मानी, अब तुझे जान से खत्म कर देंगे। फिर बालिका ने उसकी मॉ के साथ घर आकर पिता को पूरी घटना बताई। डर के कारण व रात्रि अधिक हो जाने के कारण उक्त दिनांक को वह रिपोर्ट करने नहीं गई। साधन मिलने पर हिम्मत जुटाकर दिनांक 16.08.2021 को रिपोर्ट करने गई। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया, विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये, घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर थाना-खुरई (ग्रामीण) द्वारा धारा-509,341,354,506भाग-2 भा.दं.सं., एस.सी/एस.टी एक्ट की धारा-3(1)(डब्ल्यू)(आई) व 3(2)(व्ही-ए) तथा धारा-9 (जी)/10 लैंगिकअपराधों से बालकों का संरक्षणअधिनियम 2012 का अपराध आरोपी के विरूद्ध दर्ज करते हुये विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया।अभियोजन द्वारा अभियोजन साक्षियों एवं संबंधित दस्तावेजो ंको प्रमाणित किया गया एवं अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया । जहॉ विचारण उपरांत तृतीय अपर-सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सों एक्ट 2012) नीलम शुक्ला जिला-सागर की न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुये उपर्युक्त सजा से दंडित किया है।

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