12 सूत्रीय मांगों को लेकर अभाविप ने मुक्त विवि के कुलपति को सौंपा ज्ञापन


बिलासपुर.अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् बिलासपुर महानगर के द्वारा पंडित सुन्दर लाल शर्मा के कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपकर 12 सूत्रीय मांगें प्रशासन के समक्ष राखी गयी जो की इस प्रकार से है ।

1. महामारी के इस दौर विश्वविद्यालय चालु रखने के लिए कुल कर्मचारियों के केवल एक तिहाई को बुलाया जाए ताकि कार्य भी सुचारु रूप से हो सके व कम भीड़ होने की वजह से सोशल डिस्टन्सिंग आदि निर्देशों का पालन किया जा सक।

2. जिन कर्मचारियों को बुलाया जा रहा उनके परिवहन की समुचित व्यवस्था की जाए ताकि वो कम से कम अन्य लोगों के संपर्क में आ सकें।

3.तमाम सावधानियों के बावजूद यदि कोई कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव होता है तो उसके इलाज की व्ववस्था विश्वविद्यालय प्रशाशन द्वारा सुनिश्चित की जाए।

4.राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय कैंपस में कोरोना आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है जिसे शीघ्र कंही अन्य जगह स्थानांतरित किया जा।

5.विश्वविद्यालय के ऐसे विभाग चिन्हांकित किये जाएँ जिन्हे प्रतिदिन खोलने की आवश्यकता नहीं है या जिनका काम ऑनलाइन हो सकता है और फिर ऐसे विभागों को बंद रखा जाए।

6. विद्यार्थियों के अधिकतर कार्य जैसे प्रवेश,परीक्षा,परिणाम आदि ऑनलाइन किये जाएँ ताकि छात्रों को कैंपस में कम से कम आना पड़े।

7.कोरोना से उपजे आर्थिक हालातों का ध्यान रखते हुए छात्रों से फीस किश्तों में ली जाए और यदि संभव हो तो कम ली जाए

8. विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारी व अधिकारीयों का अनिवार्य रूप से स्वस्थ्य बीमा करवाया जाए।

9. अध्ययन केंद्रों पर विद्यार्थियों को पूरी सुविधा दी जाए और यदि कभी विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय आना अनिवार्य होता है तो उन्हें नियमित रूप से परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए

10. चूँकि वार्षिक व सेमेस्टर परीक्षाएं पहले से ही विलम्ब से हो रही है,अतः इनके परिणाम परीक्षा के बाद शीघ्र ही जारी किये जाएँ।

11. विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के आरोप पाए जाने पर दोषियों पर तत्काल कार्यवाही की जाए

12 विश्वविद्यालय के योग कर्मचारियों को तत्काल नियमित किया जाए।  ज्ञापन देने के लिए मौजूद अभाविप के महानगर मंत्री आयुष तिवारी ने कहा की “प्रदेश सरकार इस दिशा में घोर अनियमितता बरत रही और जंहा एक और शहर में ही नहीं पूरे प्रदेश में कोरोना के मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिल रही है तो वंही ऐसी दशा में सरकार स्कूल कॉलेज खोलने व छात्रों को बुलाने की योजना बना रही है। विश्वविद्यालय कैंपस के अंदर निर्मित क्वारंटाइन सेंटर किसी भी आसन्न संकट की और इशारा करता है। प्रदेश सरकार ने छात्र हितों व लोक स्वस्थ्य से पूरी तरह से अपना मुंह मोड़ लिया है जिसे उसके कर्तव्यों की याद दिलाने के लिए ही विद्यार्थी परिषद् ने ये ज्ञापन सौंपा है और सरकार को ये याद दिलाना चाहती है की यदि सरकार शीघ्र ही इस दिशा में कार्य नहीं करती है और कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो विद्यार्थी परिषद् चरण बढ़ तरीके से सड़क की लड़ाई के लिए बाध्य होगी।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!