साधु वासवानीजीं की १४४ वीं जयंती अंतरराष्ट्रीय शाकाहारी दिवस के रूप में मनाई गई

• ४१,३४,५२० लोगों ने २५ नवंबर को शाकाहार दिवस के रूप में मनाने का वचन लिया।
• ८,७९,५६,७०४ लोगों ने “मीटलेस डे” का किया समर्थन।
• १४० लोगों ने आजीवन शाकाहारी भोजन अपनाने का लिया संकल्प
• “मीटलेस डे” मनाने के लिए देश के कई हिस्सों में बूचडखाने रहे बंद ।
• आध्यात्मिक सत्रों और सेवा गतिविधियों के माध्यम से मिशन मुख्यालय और दुनिया भर के केंद्रों पर जयंती समारोह
मुख्य विशेषताएं:
• केंद्रीय युवा, खेल और स्वास्थ्य राज्य मंत्री डैनियल गोई पेनांग ने २५ नवंबर २०२३ को शाकाहारी भोजन पालन करने का संकल्प लिया।
• पाकिस्तान के मुल्तान में दार-उल-सुकुन (बुजुर्गों के लिए केंद्र) के ७०० मुस्लिम भाइयों ने पशु बचाओ आंदोलन के तहत “मांस रहित दिवस” मनाकर अभियान का समर्थन किया।
• भारत के उत्तर प्रदेश राज्य और भोपाल, लोनावाला, अहमदाबाद, गांधीधाम-आदिपुर, वडोदरा सहित विभिन्न शहरों ने आज बूचडखानों को बंद करने की घोषणा की।
• भारत के मुंबई, कोल्हापूर, गांधीनगर, अहमदाबाद, राजकोट, इंदौर, भोपाल-बैरागढ़ और पुणे सहित कई शहरों में शांति रैलियां आयोजित की गईं।
• डिजिटल प्रतिज्ञा संग्रह के लिए ई-फॉर्म और क्यूआर कोड प्रसारित किए गए
• SAK अभियान को बढ़ावा देनेवाला एक नया संगीत वीडियो (दिल कहता है दिल की सुनो) जारी किया गया।

मुंबई. २५ नवंबर २०२३ को साधु वासवानी की १४४ वीं जयंती मनाई गई । साधु वासवानी मिशन और उसके शैक्षणिक संस्थानोंद्वारा सप्ताहभर की सेवा गतिविधियों और समारोहों का आयोजन किया गया। इस समय साधु वासवानी, दादा जे. पी. वासवानी के रिकॉर्डेड प्रवचन और दीदी कृष्णा कुमारी के लाइव प्रवचन आयोजित हुए।
लाखों श्रद्धालु और अनेक संगठनोंने २५ नवंबर को हिंसा से उत्पन्न सभी पदार्थोंसे दूर रहनें का संकल्प लिया।

मिशन की ओर से, २५ नवंबर को पूरे दिन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये । इस निमित्त मिशन क्षेत्र साधकोंसे भरा हुआ था। उत्सव मनाने के लिए शहर और विदेश से श्रद्धालु एकत्र हुए थे। दिन कें प्रथम सत्र की शुरुआत पवित्र हवन अग्नि प्रज्ज्वलन के साथ-साथ भक्तिपूर्ण प्रस्तुति से हुई। इस अवसर पर कृष्णा कुमारी दीदीजीं ने कहा, साधु वासवानी जैसे संत मनुष्य को कष्टों से मुक्ति दिलाने और भगवान की ओर ले जाने के लिए धरती पर आते हैं। उनकी कृपा के योग्य बनने और उनके साथ एकजुट होने के लिए हमें खुद को विनम्र बनाना चाहिए।
कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालु धार्मिक माहौल से अभिभूत हो गये। उनमें से एक, अजय ने कहा, “हम मिशन के सभी क्षेत्रों में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा की लहर का अनुभव कर रहे हैं।” सत्र के बाद गुरू लंगर प्रसाद का आयोजन किया गया। “यह पहली बार है जब मैंने सिंधी खाना खाया है। खाना बहुत स्वादिष्ट था और कार्यक्रम बहुत अच्छे से आयोजित किया गया था,” आकांक्षा सोनवणे ने कहा। सायंकाल सत्र में साधु वासवानी एवं दादा जे. पी. वासवानी के रिकार्ड किये गये प्रवचन प्रसारित किये गये। दिन का समापन भजन और कीर्तन के साथ हुआ जो आधी रात तक चला। इन गतिविधियों में पक्षियों को खाना खिलाना, पशु सेवाएँ, गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन किट का वितरण, श्रमिकों के ४५४ बच्चों को कपड़े, गरीब स्कूली बच्चों को खुशी के पैकेट और कंपास बॉक्स, ३१ लाभार्थियों को कृत्रिम अंगों का वितरण किया गया। बुधवार पेठ और रेड लाइट एरिया में १०० लोगों को साड़ियाँ, सेब और सोलापुरी चादर दी गई । इस अवसर पर मिशन के स्वास्थ्य संस्थानों ने निदान और उपचार में रियायतें भी प्रदान कीं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय साधु वासवानी केन्द्रों ने सत्संग आयोजित कर सेवा कार्य किये।

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