500 छात्रों की जान दांव पर लगाकर चीन से दोस्ती निभा रहा PAK, लोगों ने कहा- भारत से कुछ सीखो


नई दिल्ली. भारत ने शनिवार और रविवार को दो विमानों से चीन के वुहान में फंसे अपने नागिरकों को निकाल लिया है. लोग अपनी जान बचाने के लिए चीन छोड़ रहे हैं लेकिन चीन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए पाकिस्तान अपने नागरिकों को वहां से बाहर नहीं निकाल रहा है. पाकिस्तान सरकार के इस कदम से वहां की जनता परेशान है. वो उन्हें भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का हवाला देते हुए चीन से अपने नागरिकों का रेस्क्यू करने की अपील कर रहे हैं. वुहान में फंसे पाकिस्तान छात्रों ने वीडियो जारी कर इमरान सरकार पर निशाना साधा है. छात्रों ने भारतीयों के वुहान से निकाले जाने का वीडियो दिखा कर कहा, “जल्द ही बांग्लादेश भी अपने लोगों को चीन से निकाल लेगा.

इसके बाद सिर्फ हम पाकिस्तानी ही यहां फंसे रह जाएंगे, क्योंकि हमारी सरकार का कहना है कि चाहे तुम मृत हो या संक्रमित हो या सही सलामत हो, हम तुम्हें चीन से नहीं निकालेंगे. पाकिस्तान सरकार को शर्म आनी चाहिए.  उसे भारत से कुछ सीखना चाहिए.

जिसके बाद बीजिंग स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने वहां स्थित अपने नागरिकों को उनका और उनके परिजनों का दूतावास में जल्द से जल्द पंजीकरण कराने के लिए कहा है. क्योंकि कोरोनावायरस के कारण दोनों देशों के बीच विमानन सेवा तीन दिन के स्थगन के बाद बहाल हो गई है. पाकिस्तान ने 31 जनवरी को चीन से आने और जाने वाली उड़ानें तत्काल प्रभाव से दो फरवरी तक रद्द कर दी थीं.  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कोरोनावायरस को वैश्विक आपातकाल पहले ही घोषित कर चुका है.  दूतावास ने सोमवार को कहा, “चीन में मौजूद पाकिस्तान के सभी नागरिकों से उनका तथा उनके परिवार का पाकिस्तान दूतावास में जल्द से जल्द पंजीकरण करने का आग्रह है.”

पाकिस्तानी नागरिकों से पंजीकरण प्रक्रिया में उनकी तथा उनके परिवार के सदस्यों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है. उड़ान सेवा बहाल होने के बाद सोमवार को चीन से तीन विमान पाकिस्तान पहुंचे. संघीय सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह पाकिस्तानी नागरिकों (अधिकतर छात्रों) को चीन के वुहान से नहीं निकालेगा.

कोरोनावायरस चीन के वुहान शहर से फैला है और इससे सिर्फ चीन में सोमवार रात तक 425 लोगों की मौत हो चुकी है. चारों तरफ से लगभग बंद हो चुके वुहान में विभिन्न यूनिवर्सिटीज में पाकिस्तान के लगभग 500 छात्र फंसे हुए हैं.  वहीं चीन में कुल पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या 28,000 से 30,000 के बीच है. पाकिस्तान के कम से कम चार छात्रों में पिछले सप्ताह रहस्यमयी कोरोनावायरस की पुष्टि हुई थी.

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