फैक्ट्री में फंसे लोगों के लिए मसीहा बनकर आए दो भाई, ऐसे बचाई जान


नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) के मायापुरी (Mayapuri) में भीषण हादसा होते-होते बच गया. लोगों के लिए यमदूत बनकर आए दो भाइयों ने बड़ा हादसा होने से बचा लिया. अगर आसिफ और फैजान के साथ तमाम लोग न होते तो यहां भी सदर बाजार (अनाज मंडी) जैसा दर्दनाक हादसा हो सकता था. लेकिन शनिवार शाम को जैसे ही मायापुरी फेस 2 की जूता बनाने वाली फैक्ट्री में आग लगी तभी आसपास की झुग्गी-बस्ती में रहने वाले लोग मौके पर पहुंचे. लोगों ने तत्परता से फैक्ट्री में फंसे लोगों को बाहर निकाला.

मायापुरी में जिस जूता फैक्ट्री में शनिवार शाम आग लगी उसके सामने आसिफ की कबाड़ी की दुकान है. घटना के समय आसिफ और उसका भाई फैजान अपनी दुकान में काम कर रहे थे. आसिफ ने बताया कि जूता फैक्ट्री से उठते धुएं को देखकर आसपास की झुग्गियों में रहने वाले लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे.

इससे पहले की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचता आसिफ और फैजान ने अन्य लोगों के साथ मिलकर लड़की और लोहे की सीढ़ियों की मदद से फैक्ट्री में फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया था. फैक्ट्री में काम करने वाले ने वीरेंद्र यादव ने बताया की शाम को अचानक से ग्राउंड फ्लोर पर आग लग गई. हम सब बहुत मुश्किल से बाहर निकल पाए. आपको बता दें कि इस हादसे में एक महिला और पुरूष घायल हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

आपको बता दें कि नई राष्ट्रीय राजधानी के मायापुरी फेज-2 में शनिवार शाम जूता बनाने वाली फैक्ट्री में आग लग गई. सूचना मिलने के बाद 23 दमकल की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया. इस मामले में फैक्ट्री मालिक के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

फायर अधिकारी धर्मपाल भारद्वाज ने बताया, शाम पांच बजे जूते-चप्पलें बनाने की फैक्ट्री के ग्राउंड, फर्स्ट और सेकंड फ़्लोर पर आग लग गई थी. आग की लपटें देख आसपास की झुग्गियों के लोग बाहर निकाल आए थे. गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई. हालांकि, दो एक महिला और पुरुष घायल हुए हैं. दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.

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