चारों ओर पसरी गंदगी के बीच लगता है बिलासपुर का बकरा बाजार

बिलासपुर/अनिश गंधर्व. चारों ओर पसरी गंदगी के बीच बिलासपुर का बकरा बाजार लगता है। यहां हजारों रुपए टैक्स वसूली करने के बाद भी नगर निगम द्वारा लोगों को सुविधाएं नहीं जा रही है। बकरीद पर्व के चलते इन दिनों बकरा बाजार में भारी संख्या में पशु बिक्री का दौर चल रहा है। चिलचिलती धूप में एक छोटा सा छावनी भी यहां नहीं बनाया गया है। चांटीडीह सब्जी मंडी के पास वर्षों पुराना बकरा बाजार लगता है। यहां निगम द्वारा पशु खरीदने वालों से टैक्स के रूप में वसूली की जाती है। इसके बाद भी इस बाजार में पीने का पानी, लोगों के लिए बैठने तक की व्यवस्था नहीं की गई है। स्मार्ट सिटी का दर्जा प्राप्त बिलासपुर शहर में नगर निगम द्वारा बनाये गये अधिकांश दुकानें व हाट बाजार बंद पड़े हुए हैं। लाखों खर्च करने के बाद भी दुकाने नहीं खुल सकी। चांटीडीह सब्जी बाजार के पास बकरा बाजार वर्षों लगते आ रहा है। मुस्लिम समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला बकरीद पर्व के दौरान यहां हजारों की संख्या में पशुओं की बोली लगती है लोगों की भारी भीड़ एकत्र होती है। इस बाजार में बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। जनहित में बाजार आने वाले पशु व लोगों के छावनी व पीने का पानी यहां उपलब्ध कराने की सख्त आवश्कता है। चारों ओर पसरी गंदगी और नगर निगम द्वारा बनाये गए जर्जर दुकानों के बीच शहर का प्रतिष्ठित बकरा बाजार संचालित हो रहा है।

 

कुछ व्यापारियों ने खुद की व्यवस्था

भीषण गर्मी को देखते हुए बकरा बेचने वाले कुछ व्यापारियों ने स्वयं के मद से छोटा सा टेंट लगाकर अपना करोबार करते दिखे। इन व्यापारियों का कहना है कि वर्षों पुराने इस बाजार में पीने के पानी व साफ-सफाई की व्यवस्था तक निगम द्वारा नहीं कराई जाती है। हमारी मजबूरी है इसलिए हम अपनी व्यवस्था कर अपना काम कर रहे हैं।

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