धर्मांतरण और लव जेहाद पर सख्त कानून की आवश्यकता: हिंदू संगठनों का आह्वान
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की घटनाएं बड़े पैमाने पर बढ़ रही हैं। कई लोग लालच, प्रलोभन या छल से धर्मांतरण कर रहे हैं, और वे अपने परिवारों, पत्नियों पर भी इस बदलाव के लिए दबाव बना रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप परिवारों में टूटन और समाज में विद्वेष फैल रहा है।
बुधवार को हिंदू संगठनों के सदस्य महेंद्र जैन, राम सिंह, राजीव शर्मा, राजा शर्मा, अभिषेक चौबे, यतींद्र मिश्र और अन्य हिंदूवादी नेताओं ने पत्रकारों से बातचीत में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि ईसाई समुदाय बड़े आयोजन और सभाओं का आयोजन कर निर्दोष लोगों को धर्मांतरण के लिए बहलाने-फुसलाने का कार्य कर रहा है। वन्दे मातरम् मित्र मण्डल द्वारा पुलिस प्रशासन से बार-बार इस मुद्दे को रोकने का अनुरोध किया गया है, लेकिन धर्मांतरण पर प्रभावी कानूनी प्रावधान न होने के कारण प्रशासन समुचित कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
साथ ही, लव जेहाद की घटनाओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है। हिंदू बेटियाँ लव जेहाद के शिकार हो रही हैं, जहां कुछ लोग उन्हें बहकाकर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण करते हैं और फिर उनका धर्म परिवर्तन कराकर उनसे शादी करते हैं। विवाह के बाद इन बेटियों को शारीरिक यातनाओं का सामना भी करना पड़ता है, जिसके बाद कई घटनाओं में उनकी हत्या भी की जा चुकी है।
संगठनों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में कई बेटियों को लव जेहाद के जाल से बचाया गया और उनके विवाह संपन्न कराए गए। वन्दे मातरम् मित्र मण्डल ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि धर्मांतरण और लव जेहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाएं, जिसमें मृत्यु दंड का प्रावधान हो, ताकि प्रदेश के हिंदू समाज को इन कुटिल चालों से मुक्ति मिल सके और सुरक्षा एवं सम्मान का वातावरण बना रहे।