छत्तीसगढ़ के रेल्वे ट्रेक में ‘‘सुरक्षा कवच’’ सिग्नल क्यों नहीं लगाया जा रहा?

 

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज मिले रेल हादसे के घायलों से

रेलवे को देश में सबसे ज्यादा राजस्व बिलासपुर जोन देता है वही असुरक्षित

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज बिलासपुर रेल हादसे के घायलों से मिले तथा उनका हाल-चाल जाना एवं इलाज की जानकारी लिया। उन्होंने मृतकों को 1 करोड़ तथा घायलों को 50 लाख मुआवजा देने की मांग किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बिलासपुर का रेल हादसा बड़ी लापरवाही, इस मामले की जांच कर बड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए। यह हादसा डबल इंजन की सरकार की छत्तीसगढ़ के साथ की जा रही उपेक्षा का भी परिणाम है। छत्तीसगढ़ के रेल्वे ट्रेक में ‘‘सुरक्षा कवच’’ वाले सिग्नल क्यों नहीं लगाये जा रहे? रेल्वे को सबसे ज्यादा राजस्व छत्तीसगढ़ से मिलता है और रेल्वे छत्तीसगढ़ की उपेक्षा करता है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बिलासपुर रेलवे जोन से केवल माल भाड़े से केंद्र की सरकार 25 हजार करोड़ से ज्यादा हर साल कमाती है, लेकिन यहीं के रेल यात्रियों को सुरक्षा कवच नहीं? बिलासपुर रेलवे जोन में लगभग 600 किलोमीटर अप और डाउन लाइन में कवच सुरक्षा सिग्नल प्रणाली स्थापित करने का प्रस्ताव मई 2024 से केंद्र की मोदी सरकार के पास लंबित है, लोकसभा में भाजपा के 10 सांसद छत्तीसगढ़ की जनता ने जीता कर भेजा हैं, जिनमें से एक बिलासपुर के सांसद तोखन साहू केंद्रीय मंत्री हैं, उन्हें दलीय चाटुकारिता छोड़कर छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कवच सिग्नल प्रणाली पूरे प्रदेश के रेलवे ट्रैक पर लगाने की मांग मोदी सरकार से करनी चाहिए। नहीं तो अपने पद से इस्तीफा दे, बिलासपुर की जनता ने जिस उम्मीद से उन्हें सांसद चुना था वे उस पर खरे नहीं उतरे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ट्रेनों में यात्री सुरक्षा की प्राथमिकता तय हो, रेलवे सुरक्षा आयोग की जिम्मेदारी तय किया जाए, केवल मुआवजा कोई समाधान नहीं तकनीकी और संसाधनों का उपयोग यात्री सुरक्षा में करने के लिए तत्परता दिखाए सरकार। रेलवे केवल परिवहन ही नहीं करोड़ों भारतीयों की लाइफलाइन है, इसकी विश्वसनीयता कायम रखना सरकार का दायित्व है। भाजपा के सांसद यदि छत्तीसगढ़ की जनता के हक और अधिकार, उनके जायज मांगों को केंद्रीय सदन और मोदी सरकार के समक्ष नहीं रख पा रहे हैं तो उन्हें पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ऑटो ब्रेकिंग सुरक्षा तकनीक जब पूरे देश में स्थापित हो रहा है तो इसमें छत्तीसगढ़ के रेलवे ट्रैक शामिल क्यों नहीं है आखिर किस बात का बदला छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों से लिया जा रहा है? रेलवे का दावा है कि आधुनिक सिग्नल प्रणाली लगाने से एक ही ट्रैक पर ट्रेन होने से 400 मीटर की दूरी पर ही आटोमेटिक ब्रेक लग जायेगा और ट्रेने आपस में भीड़ने से रूक जायेगी, जब पूरे देश में यह कवच सिस्टम लग रहा है तो छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं? भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली यात्री ट्रेनें ही सबसे ज्यादा निरस्त किए जा रहे हैं। तकनीक और संसाधनों के प्रयोग से यात्री सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने में सर्वाधिक उपेक्षा भी इस सरकार में छत्तीसगढ़ की ही की जा रही है। पूरे प्रदेश में ट्रैक की खराबी, सिस्टम की सुस्ती, ट्रेनों की धीमी गति, लेट लतीफी और भाजपा नेताओं की इस संदर्भ में लापरवाही सर्वविदित है।

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