मिशन हॉस्पिटल में तोडफ़ोड़, पुलिस बल ने महौल को शांत कराया
बिलासपुर। मिशन हॉस्पिटल परिसर में बुधवार को भी कार्रवाई चली। तोडफ़ोड़ के दौरान मिशनरी के लोगों ने जमकर हंगामा किया। युवक- युवतियों ने 3 भवनों पर सुप्रीम कोर्ट से स्टे का हवाला देकर विरोध किया और वीडियो बनाकर निगम अमले पर गाली गलौज व अभद्रता करने का आरोप लगाया। कार्रवाई के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। पुलिसबल की उपस्थिति में कार्रवाई जारी रही।
मंगलवार को सुबह 5 बजे से शुरू हुई कार्रवाई रात भर चलने के बाद दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। यहां के मुख्य बंगले और निवासरत 30 परिवारों को बेदखल कर उनके आवासों को ढहाने के बाद हॉस्पिटल भवन के पीछे की बिल्डिंग पर बुलडोजर चलाने कार्रवाई की गई। इतने में बाहर खड़े मिशन परिसर में रहने वाले लोगों ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे का हवाला देने लगे। तनाव की सूचना सूचना मिलते ही सीएसपी निमितेश सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद निगम कमिश्नर, एसडीएम और तहसीलदार भी पहुंच गए। पुलिस बल द्वारा मिशन अस्पताल परिसर से सभी लोगों को खदेडक़र बाहर निकाला गया। इसके बाद अस्पताल के बाहर भी लोगों ने जमकर हंगामा मचाया। रहवासियों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की किया। जिससे वहां माहौल खराब हो गया था। किसी तरह पुलिसकर्मियों ने लोगों को परिसर से बाहर निकाले। मिशन हॉस्पिटल में रहने वाला अरसद ने बताया कि नगर निगम प्रशासन बिना नोटिस व सूचना दिए एकाएक कार्रवाई कर रहे हैं। जबकि सुप्रिम कोर्ट से स्टे मिल चुका है। सुप्रिम कोर्ट ने बेघर हुए लोगों को परिसर के हॉस्टल में रहने के लिए फैसला सुनाया है। जब हम परिसर के अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया तो जिला प्रशासन व पुलिस बल घुसने नहीं दिया। जेसीबी से तोडफ़ोड़ की कार्रवाई जारी है।
एकतरफा कार्रवाई कर रही है।


