आंदोलन रसोईया दुलारी यादव और रुक्मणी सिन्हा की मौत के लिए भाजपा सरकार दोषी – दीपक बैज

 आंदोलन कर्मियों की मांगों को पूरा करें और पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा दे सरकार

रायपुर.  विगत एक महीने से अधिक समय से अनशन पर बैठे मध्यान भोजन रसोईया संघ के दुलारी यादव और रुक्मणी सिन्हा की मौत को सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासन की निर्ममता का परिणाम है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि यह सरकार कर्मचारियों की मांगे सुनने के बजाय बर्बरता पर उतर आई है, ये साधारण मौत नहीं हत्या है, पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा और रसोईया संघ की मांगों को पूरा करे सरकार। 100 दिन के भीतर सभी अनियमित, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा करके सत्ता में आयी भाजपा की सरकार अहंकारी हो गई है, क्रूरता पूर्वक दमन पर उतर आई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकार की वादाखिलाफी के चलते छत्तीसगढ़ में हर वर्ग आंदोलित है। 86 हजार से अधिक मध्यान भोजन रसोईयों में ज्यादातर ग्रामीण महिलाएं हैं जो छोटे-छोटे दुधमुंहे बच्चों को लेकर खुले आसमान के नीचे भरी ठंड में सवा महीने से आंदोलित हैं, तूता धरना स्थल पर जानबूझकर शौचालय, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं बाधित कर दी गई है, आंदोलनकारियों को जिम्मेदार नेता, मंत्री, और विधायक से मिलने से रोका जा रहा है, धक्का-मुक्की और मारपीट की जा रही है, अनशन के दौरान तबियत बिगड़ने पर एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं किया जा रहा है। यह सरकार आंदोलनकारियों को डराने, धमकाने में लगी है, गोल-मोल जवाब देकर झूठे दावे किए जा रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि सत्ता के अहंकार में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आंदोलनकारियों को अपमानित कर रही है। भाजपा का पद और मोदी की गारंटी दोनों फेल हो चुकी है पिकअप 2 महीने की भीतर मोहला मानपुर के किसान सोमेन साहू आत्महत्या करने मजबूर हुए, महासमुंद जिले के सेंधभाठा के किसान मनबोधगाड़ा को गला रेतने मजबूर होना पड़ा, कोरबा जिला के किसान बैसाखू मरकाम जहर खाने मजबूर हुए, रायगढ़ जिले के खरसिया ब्लॉक के बघेली के किसान कृष्ण कुमार गबेल ने टोकन नहीं काटने से व्यथित होकर कीटनाशक पी लिया और भाजपा सरकार हकीकत से दूर अन्य कारण बताने बहानेबाजी में जुटी रही। इसी तरह मध्यान भोजन रसोईया संघ के दुलारी यादव और रुक्मणी सिन्हा की मौत पर भी यह सरकार परदेदारी करने साज़िश रच रही है। बहाने बाजी छोड़कर सरकार को संवेदनशीलता दिखाना चाहिए, कर्मचारी संघ से तत्काल चर्चा कर समाधान निकाले और पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ मुआवजा दे सरकार।

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