युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने पैसा नही संघ समर्थित मीसा बंदियों पर खजाना लुटा रहे

 

रायपुर. मीसाबंदियों को पेंशन देने के निर्णय पर सवाल उठाते हुये प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार सरकारी खजाने को संघ समर्थित मीसा बंदियों पर लुटा रही है। प्रदेश के युवाओं को न रोजगार दे पा रही है न बेरोजगारी भत्ता दे रही है। मीसाबंदी राजनीतिक रूप से सरकार का विरोध कर रहे थे। उन्हें पेंशन देने की क्या आवश्यकता?क्या जनता की गाढ़ी कमाई भाजपा के समर्थित लोगों पर खर्च करने के लिये है? एक ओर सरकार कर्ज पर कर्ज ले रही है। कर्मचारियों को वेतन देने की स्थिति में नही है, सारे विकास काम वित्ति संकट के चलते बंद है, सड़क खराब है, सरकारी अस्पताल में सुविधाओं एवं दवा दवाई की कमी है, शिक्षा व्यवस्था बेहद खराब है, शिक्षकों की कमी समय पर पुस्तक वितरण नही हुआ छात्रवृत्ति नही मिला, सुरक्षा व्यवस्था ढर्रे पर है। आदिवासी वर्ग को बीते कई महीने से चना गुड़ नही मिल रहा है। रसोइयों को सम्मानजनक वेतन नही दिया जा रहा है। किसानों को समय पर भुगतान नही हो रहा है। नगरीय निकाय क्षेत्रों को मिलने वाली राशि नही दी जा रही है। हर वर्ग सरकार के वसूली नीति से परेशान है। जिससे सुधारने वित्तीय संकट बताया जाता है। फिर मीसा बंदियों को करोड़ो रुपया पेंशन की देने की क्या आवश्यकता है। भाजपा सरकारी खजाने से अपने समर्थित लोगो को पाल पोस रही है।ये प्रदेश के साथ अन्याय है।


प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने कई राजनीतिक विरोधियों को जेल में बंद रखा है, झूठे मामले दर्ज किए है। रमन सरकार के दौरान सैकड़ो निर्दोष आदिवासियों को सालो तक जेल में बंद रखा गया, उनका भविष्य खराब किया और आज भी कई आदिवासियों को जेल में बंद किया गया है, क्या भाजपा सरकार उन्हें भी पेंशन देगी, जो खुद को लोकतंत्र के तथाकथित सेनानी बताते है क्या वो बतायेंगे भाजपा की सरकार लोकतंत्र की गला घोंट रही है। लोकतंत्र के तहत मिले अधिकारों से विरोध करने वालो कुचल रही लोकतंत्र के चतुर्थ स्तम्भ को बंधक बना दिया गया है, तो ये तथाकथित लोकतंत्र के सेनानी मौन क्यो है? क्या भाजपा संघ समर्थित लोकतंत्र अलग है। कांग्रेस ने कहा कि संघ समर्थित तथाकथित लोकतंत्र सेनानियों पर जनता की पैसों को खर्च करना बंद करे आम जनता के हित में सरकारी खजाने का उपयोग किया जाये।

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