रचनायें समयानुकूल समावेशी और सकारात्मक होना चाहिए: शशांक शर्मा
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त श्री शशांक शर्मा का बिलासपुर के सांई आनंदम परिसर उसलापुर,में संक्षिप्त किन्तु गरिमामय प्रवास में श्री शशांक शर्मा जी की बिलासपुर के वरिष्ठ कवियों द्वारा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष चुने जाने एवं हाल में ही “राजधानी रायपुर में साहित्य उत्सव”के भव्य एवं गरिमामय समारोह आयोजित करने पर बिलासपुर के वरिष्ठ कवियों श्री विजय तिवारी, अमृतलाल पाठक, बुधराम यादव हरबंश शुक्ल द्वारा स्वागत एवं सम्मानित किया गया।
भारतेंदु साहित्य समिति के प्रधान सचिव श्री विजय तिवारी ने
भारतेंदु साहित्य समिति की स्थापना वर्ष 1935 में पं द्वारिका प्रसाद तिवारी विप्र, बाबूलाल सिरिया, प्यारेलाल गुप्त,सरयू प्रसाद तिवारी जी से लेकर आज तक की गरिमामय उपलब्धियों के संबंध में बताया कि भारतेंदु साहित्य समिति के बैनर तले देश के ख्याति लब्ध साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन, सुभद्रा कुमारी चौहान, महादेवी वर्मा, गोपालदास नीरज, मैथिलीशरण गुप्त, लोचन प्रसाद पाण्डेय, मुकुट धरो पांडेय जैसे महान विभूतियों ने सृजनात्मक भूमि बिलासपुर में आकर साहित्योतकर्ष किया।सहज सरल व्यक्तित्व के धनी श्री शशांक शर्मा ने बिना किसी औपचारिकता के सादे किंतु गरिमामय वातावरण में काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए रचनाओं के संदर्भ में अपने विचार रखे उन्होने कहा कि भय था कि आज के युवा पीढ़ी हाईटेक हो चले हैं जिनमें सर्जना शक्ति की कमी होगी किंतु यह आशंका निर्मूल साबित हुई आजकल रचनाएं बहुत तेजी के साथ और वृहद रूप में आ रही है बस आवश्यकता है उसके परिष्करण और भावशून्यता होने से बचाने की रचनाएं समावेशी, सकारात्मक और कालखंड के अनुसार भी होना चाहिए जिससे भविष्य में साहित्य बतौर धरोहर काम आये और आने वाली पीढ़ी का मार्ग बहस प्रशस्त करे।श्री शशांक शर्मा की अध्यक्षता में नगर के उपस्थित कवियों ने एक सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया संचालन हरबंश शुक्ल ने किया जिसमें मयंकमणि दुबे, राकेश कुमार पांडेय,जगतारन डाहिरे,विनय पाठक, दिलीप दुबे, अशोक शर्मा, अशरफी लाल सोनी, ओमप्रकाश भट्ट, राजेश सेवतकर, अमृतलाल पाठक, विजय तिवारी बुधराम यादव, बुधराम यादव, मनोहर दास मानिकपुरी हरबंश शुक्ल ने अपनी सरस रचनाओं का पठन किया,यह जानकारी हरबंश शुक्ल ने दी।


