सरकारी दफ्तर बिजली बिल चुका नहीं रहे, घाटा बता कर जनता से वसूला जा रहा है : दीपक बैज


रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार को बिजली विभाग की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि यह सरकार लाइन लॉस और बिजली चोरी रोक नहीं पा रही है, सरकारी विभागों पर ही करोड़ों का बिल भुगतान बकाया है, भाजपा के नेता मंत्री और अधिकारी बिना भुगतान किए अनियंत्रित उपभोग कर रहे हैं, बिजली विभाग सरकारी कार्यालयों से बिल वसूली नहीं कर पा रही है, अब सरकारी दफ्तरों और शासकीय भवनों से बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए प्रीपेड बिलिंग सिस्टम लागू करने जा रहा है, इससे साफ है कि यह सरकार, सरकारी अनियमितताओं पर सरेंडर मोड पर है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि एक तरफ यह सरकार बार-बार बिजली के दाम बढ़ा कर उपभोक्ताओं की जेब ढीली कर रही है, घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली 400 यूनिट बिजली बिल हाफ योजना खत्म कर दिया है। आम जनता यदि एक माह बिल जमा न कर पाए तो बिजली काट दी जाती है, लेकिन उन्हीं बिजली कंपनियों का सरकारी विभागों पर 2,800 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है, वसूली नहीं कर पा रहे हैं, कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है, इसकी कीमत आम जनता चुका रही है। इस अकर्मण्यता को छुपाने के लिए ही प्रीपेड बिलिंग सिस्टम लागू किए जाने की बात कही जा रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकार में ब्यूरोक्रेट्स अर्थात आईएएस एसोसिएशन पर ही लगभग एक करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसका भुगतान अब तक नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल जुमला निकला, जमीनी हकीकत यह है कि अब तक प्रदेश में मात्र 1.47 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से केवल 33 हजार सोलर प्लांट ही स्थापित हुए हैं। ऐसे में राज्य के 65 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं तक योजना पहुंच पाने में सैकड़ों साल लगेंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि होने के बावजूद बिजली कटौती हो रही है, उद्योग, कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में यह सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है। प्रदेश को रौशन करने वाला बिजली विभाग भाजपा की सरकार में केवल आम जनता को लूटने और घर का बजट बिगड़ने वाला बन गया है।

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