मधुश्री और रॉबी बादल ने पेश की संगीतमय ‘श्री रामचरितमानस’

मधुश्री की आवाज़ में गूंजेगी 52 घंटे की ‘श्री रामचरितमानस’
मधुश्री और रॉबी बादल का अनूठा संगीतमय संकल्प
मुंबई /अनिल बेदाग : गोस्वामी तुलसीदास की कालजयी रचना श्री रामचरितमानस को 52 घंटे की संगीतमय प्रस्तुति में ढालने का अनूठा प्रयास अब दर्शकों के सामने आने जा रहा है। प्रख्यात बॉलीवुड गायिका मधुश्री की आवाज़ और संगीतकार रॉबी बादल की धुनों से सजी इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना का टीज़र मुंबई में लॉन्च किया गया। इस प्रस्तुति को तैयार करने में दोनों कलाकारों ने करीब दो साल समर्पित किए हैं। इसका टीज़र रॉयंट म्यूज़िक के बैनर तले जारी किया गया।
टीज़र लॉन्च समारोह में स्पिरिचुअल गुरु ओमा द अक्क, निर्माता-निर्देशक एक्टर करण राज़दान, अभिनेता गगन मलिक, वास्तु एक्सपर्ट डॉ. खोजा, अभिनेत्री कंपल पटेल ,पराग चापेकर और महिमा भारद्वाज सहित कई अतिथि मौजूद रहे। सभी ने इस प्रयास को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और संगीत के संगम की दिशा में महत्त्वपूर्ण पहल बताया।
इस अवसर पर मधुश्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “संपूर्ण रामकथा अब एक संगीतमय यात्रा के माध्यम से सुनी जा सकेगी। मैंने रामजी के नाम पर खुद को समर्पित कर दिया। पिछले दो साल से अधिक समय तक मैं रामचरितमानस गाती रही और भक्ति भाव में डूबी रही।” उन्होंने आगे कहा, “मैं बंगाली हूं और अवधी भाषा में पूरी रामचरितमानस गाना मेरे लिए बड़ी चुनौती थी। लेकिन जब राम जी का नाम लेकर शुरुआत की, तो लगा कि उनका आशीर्वाद मिल गया है। रामचरितमानस की कथा इतनी भावनात्मक है कि कई बार गाते हुए मेरी आंखों में आंसू आ गए। फिल्मी गीत गाते समय सफलता और लोकप्रियता की उम्मीद रहती है, लेकिन इस प्रस्तुति में ऐसी कोई अपेक्षा नहीं थी। मैंने इसे भक्ति भाव से गाया। मैं कहूंगी कि मैंने सिर्फ गाया नहीं, बल्कि साधना की है।”
52 घंटे की इस संगीतमय रचना के संगीतकार रॉबी बादल ने कहा, “श्री रामचरितमानस को इस रूप में तैयार करना आसान नहीं था। मधुश्री की आवाज़ के बिना यह संभव नहीं था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे रामचरितमानस को संगीतबद्ध करने का सौभाग्य मिलेगा। मैं एक छोटे से गांव से हूं और मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात है।”
उन्होंने कहा कि प्रस्तुति में मधुर धुनों के साथ आज के श्रोताओं को ध्यान में रखकर संगीत संयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान नौ भजन रिलीज़ करने की योजना है। मधुश्री के समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस काम को दोनों ने कमाई के उद्देश्य से नहीं, बल्कि भक्ति भाव से किया है।
स्पिरिचुअल गुरु ओमा द अक्क ने मधुश्री के समर्पण की सराहना करते हुए कहा, “आज जब कला को कई बार व्यापार और शोहरत के नजरिए से देखा जाता है, ऐसे समय में मधुश्री ने अपने जीवन और करियर के दो साल रामचरितमानस के लिए समर्पित किए। उनकी भक्ति भावना सराहनीय है।”
फिल्म हिंदुत्व के निर्देशक करण राज़दान ने कहा कि मधुश्री पिछले दो वर्षों से रामचरितमानस के बारे में बता रही थीं। उन्होंने इस बड़े प्रयास के लिए मधुश्री और रॉबी बादल को बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह प्रस्तुति आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगी।
वास्तु एक्सपर्ट डॉ. खोजा और अन्य अतिथियों ने भी दोनों कलाकारों को शुभकामनाएं दीं। डॉ. खोजा ने राम नाम की आध्यात्मिक शक्ति का उल्लेख करते हुए इस पहल की सराहना की।
समारोह में वीडियो संदेशों के जरिए पद्मश्री अनूप जलोटा, गायक कैलाश खेर, कुमार सानू और अभिनेत्री मंदाकिनी ने मधुश्री तथा रॉबी बादल को शुभकामनाएं दीं। अनूप जलोटा ने मधुश्री को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत सुंदर काम किया है।

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