जर्जर हो चुके सरकंडा पुल के दोनों ओर नए पुलों का निर्माण अंतिम चरण में


अनिश गंधर्व/बिलासपुर. सरकंडा पुराना पुल के दोनों ओर नए पुल का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। जल्द ही आम जनता इस पुल से आवागमन करेंगे। यातायात की बढ़ती समस्या से लोग परेशान हो रहे थे, पुल निर्माण हो जाने से नए एवं पुराने पुल दोनों मार्ग से लोग आवाजाही कर सकेंगे। डामरीकरण का कार्य दिन भर चलता रहा जल्द ही उद्घाटन कर इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। शहर के सबसे पुराने सरकंडा पुल की हालत जर्जर हो चुकी है। ब्रिटिश कालीन इस पुल का उपयोग अरपा पार जाने वाले लोग आज भी कर रहे हैं। बढ़ते यातायात की समस्या को देखते हुए सरकंडा पुल से जोड़कर दो नए पुल का निर्माण कार्य किया जा रहा है। पुल के एक ओर का निर्माण पूरा हो चुका है लोग आवाजाही भी करना शुरू कर दिए हैं। वहीं दूसरे छोर के पुल का निर्माण भी लगभग पूर्ण हो चुका है। आज डामरीकरण का कार्य किया गया। रिवर व्यू से सीधे सरकंडा जाने में लोगों को अब परेशानी नहीं होगी।


आये दिन इस पुल में जाम की स्थिति निर्मित हो रही थी। इंदिरा सेतु होने के बाद भी सरकंडा पुराना पुल में आए दिन जाम की स्थिति निर्मित होती थी वहीं पुल की हालत भी जर्जर हो चुकी है, जिसे ध्यान में रखते हुए पुराने पुल से जोड़कर दो नए पुलों का निर्माण किया गया है। हालांकि अभी उद्घाटन नहीं हुआ है काम भी अंतिम चरण पर चल रहा है। सरकंडा जाने वाले अधिकांश लोग नए पुल का सहारा ले रहे हैं वहीं सरकंडा की ओर से रिवर व्यू आने वाले भी जल्द ही नए पुल के रास्ते आवागमन कर सकेंगे। सरकंडा, जबड़ापारा, नूतन चौक, अशोक नगर, इंदिरा विहार के लोगों ने नए पुल निर्माण होने से खुशी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि खासकर त्यौहारी सीजन व स्कूली समय में पुराने पुल में जाम की स्थिति निर्मित हो रही थी। वहीं पुल के जर्जर होने से खतरा भी मंडाराने लगा था। भारी वाहनों के प्रवेश में प्रतिबंध लगा हुआ है इसके बावजूद भी लोग सहमे हुए थे। पुराने पुल से जोड़कर दो नए पुलों के निर्माण हो जाने से यातायात का दबाव कम होगा। सौ साल पुराने ब्रिटिश कालीन सरकंडा पुल का अस्तित्व बचाने के लिए  पहली बार ऐसा प्रयास किया गया कि पुराने पुल से सटाकर दोनों ओर नया पुल बनाया जा रहा है। वर्षों पहले इस पुल से यात्री बसें गुजरती थी इसके बाद एसईसीएल से सहयोग लेकर इंदिरा सेतु का निर्माण किया गया। इसके बाद सरकंडा पुल से भारी वाहनों के प्रवेश पर रोग लगा दिया गया। समय के साथ साथ अरपापार क्षेत्र में तेजी से बसाहट होने लगी। स्मार्ट सिटी के लिए सरकंडा पुल का रखरखाव व सौर्दयीकरण आज के समय की मुख्य जरूरत है।

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