भारत-नेपाल के सुधरते रिश्तों को फिर लग सकती है ड्रैगन की नजर, चीन आजमा रहा ये पैंतरे


नई दिल्ली. भारत-चीन (India-China) के बीच कई महीनों से जारी सीमा विवाद के बीच ड्रैगन की नेपाल (Nepal) और पाकिस्तान (Pakistan) के साथ नजदीकियां एक बार फिर सुर्खियों में हैं. हाल ही में चीनी रक्षा मंत्री ने नेपाल और पाकिस्तान का दौरा किया था, जिसमें कई बड़े रक्षा समझौतों को मंजूरी दी गई. विशेषज्ञों की मानें तो पाकिस्तान और नेपाल से समझौतों की आड़ में चीन, भारत पर निशाना साधना चाहता है. इसके लिए चीन लगातार इन पड़ोसी देशों से सैन्य सहयोग बढ़ाने की कोशिशों में जुटा हुआ है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी रक्षा मंत्री का ये दौरा भारत के साथ 8 महीने से चल रहे सीमा विवाद को फिर एक बार घसीटने की साजिश है. बीते रविवार चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगही (Wei Fenghe) नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे जहां उन्होनें नेपाल को उसकी, स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता बरकरार रखने में पूरा सहयोग देने का विश्वास दिलाया. इसके बाद वेई ने इसलामाबाद में पाकिस्तान अर्माी चीफ जनरल  बाजवा (General Bajwa) से मुलाकात की. पाकिस्तान के साथ इस वार्ता में चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग समझौतों पर मूहर लगी.

विदेशी मामलों के जानकारों ने चीन की नेपाल और पाकिस्तान से इन नजदीकियों पर चिंता जताई है. भारत के पूर्व राजदूत विष्णु प्रकाश (Vishnu Prakash) ने बताया कि चीन ने उस समय नेपाल का दौरा किया जब भारत और नेपाल के बीच नक्शे के विवाद के बाद संबंधों में सुधार आ रहा था. इस दौरे की आड़ में चीन नेपाल और पाकिस्तान का भरोसा जीत कर भारत को संदेश देने की कोशिश कर रहा है.

गेटवे हाउस में इंटरनेशनल सिक्योरिटी पर अध्ययन कर रहे समीर पाटिल का कहना है कि भारत लगातार अपने पड़ोसी देशों से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहा है. बीते कुछ महीनों में भारत ने नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका के कई उच्चस्तरीय दौरे किए. चीन का ये कदम भारत के इन प्रयासों को नाकाम करने की कोशिश है.

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