हरेक नागरिक को जानना चाहिये संसद का कार्य : अरूण साव

बिलासपुर. बिलासपुर में संभाग स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता प्रारंभ हुई। संसदीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित इस प्रतियोगिता में संभाग के 6 शिक्षा जिलों की टीमें भाग ले रही है। प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री अरूण साव ने कहा कि लोकतंत्र का सबसे ताकतवर स्थान संसद है। हरेक नागरिक को यह जानना चाहिये कि किस तरह यहां काम होता है। कैसे नीति और कानून संसद में बनाये जाते हैं। संभागायुक्त श्री बी.एल.बंजारे ने कहा कि इस प्रतियोगिता में भाग लेकर विद्यार्थी भारत के सर्वोच्च सदन संसद के कार्यों से अवगत होंगे, तो अच्छे नागरिक के साथ-साथ अच्छे वक्ता भी बनेंगे।

सिंचाई विभाग के प्रार्थना सभा भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री साव ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। देश के नीति, नियम, कानून का निर्धारण के कार्य संसद में होते है। छात्र जीवन में जो सीख रहे हैं, वह लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करेगा। श्री साव ने कहा कि संसद में जो बहस होती है, उससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। युवा संसद में बच्चे मूलभूत जानकारी लेकर आगे जायेंगे तो भविष्य में वे एक श्रेष्ठ सांसद बनकर अपनी क्षमता, योग्यता और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संभागायुक्त श्री बी.एल.बंजारे ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के मुताबिक संसद मंे राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं अन्य ज्वलंत मुद्दों पर जितनी भी समस्याएं होती हैं, उनकी चर्चा करते हैं, कानून बनाते हैं और जरूरत पड़ने पर बने हुए कानून में संशोधन भी करते हैं। संसद में जिस प्रकार की कार्यवाही होती है। उसका मूर्तरूप युवा संसद में देखेंगे। हो सकता है इसमें भाग लेने वाला छात्र भविष्य में विधायक या सांसद बनें, जिसके लिये उन्होंने शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री प्रदीप गुप्ता ने कहा कि आज की पीढ़ी सौभाग्यशाली है जिन्हें संसद के कार्यों के बारे में सिखाया जा रहा है। संसद का पहला कर्तव्य कानून बनाना है। आम नागरिक को संविधान द्वारा स्थापित व्यवस्था को समझना चाहिए। सामान्यतया लोग यह जानने में रूचि नहीं रखते कि उनके सांसद, विधायक का कर्तव्य क्या है। कानून बनाने वाला किस तरह कार्य करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे युवा संसद प्रतियोगिता में जितना मंचन कर रहे हैं, उससे ज्यादा जानने की कोशिश करें, ताकि देश के बेहतर नागरिक बन सकें। युवा संसद प्रतियोगिता में प्रत्येक जिले से चयनित टीम ने अपना प्रदर्शन किया। हर टीम में 55 बच्चे शामिल थे। जिन्हें 55 मिनट का समय दिया गया था। विद्यार्थियों ने संसद में चलने वाली समस्त कार्यवाहियांे का मंचन किया। सांसदों के शपथ ग्रहण से लेकर प्रश्नकाल, शून्यकाल, काम रोको प्रस्ताव, विदेशी संसदीय मंडल के प्रतिनिधियों का स्वागत, संसद के पूर्व सदस्यों के निधन पर शोकसभा, मंत्री मंडल मंे नये सदस्यों का परिचय, नये प्रस्ताव लाने, कानून में संशोधन आदि गतिविधियों का बेहतरीन मंचन कर दर्शकदीर्घा को चकित कर दिया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री बी.एस.उईके, उपायुक्त श्रीमती फरिहा आलम सिद्दिकी, श्रीमती अर्चना मिश्रा, संयुक्त संचालक शिक्षा श्री चैहान, निर्णायकगण, सहित संभाग के विभिन्न जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षक एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित थे।