अखिलेश यादव ने राकेश टिकैत को दिया ये खुला ऑफर, पर BKU नेता ने दे दी हिदायत

नई दिल्ली. अगले साल होने वाले यूपी चुनाव (UP Election 2022) में किसान आंदोलन (Farmer’s Protest) की कामयाबी एक बड़ी भूमिका निभा सकती है. इस आंदोलन के बड़े चेहरों में से एक भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत पर कई पार्टियां डोरे डाल रही हैं. इसी सिलसिले में सपा सुप्रीमो और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने राकेश टिकैत को खुला ऑफर दिया है. वहीं इस बीच मेरठ में जब एक पोस्टर पर अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के साथ-साथ राकेश टिकैत की फोटो लगी दिखी तो भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेताओं ने ऐसी नाराजगी जताई कि अबतक बवाल मचा हुआ है.

अपने घर सिसौली जा रहे थे टिकैत

दरअसल देश के तीनों नए कृषि कानूनों की वापसी के बाद करीब एक साल बाद टिकैत अपने घर सिसौली रवाना हुए थे. उनके समर्थक पूरे रास्ते उनका स्वागत करने पहुंचे थे. इसी दौरान किसान नेताओं की नजर मेरठ के हाइवे पर लगे मिशन 2022 के एक चुनावी पोस्टर पर पड़ी जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश और आरएलडी चीफ जयंत चौधरी के साथ टिकैत की फोटो लगी थी, फिर क्या था बात निकली तो दूर तक गई.

अखिलेश का खुला ऑफर!

उधर जौनपुर में चुनावी सभा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि राकेश टिकैत किसी राजनीतिक दल की तरह काम नहीं करते. वह हमेशा किसानों की बात करते हैं. कहा कि उनके बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते. अगर वह चुनाव लड़ना चाहते हैं तो अच्छी बात है, उनका स्वागत है.

राकेश टिकैत का जवाब

चुनाव प्रचार और जनसभाओं में सियासी नारों और आरोपों-प्रत्यारोपों की अहम भूमिका होती है. इसी सिलसिले में कौन किसकी ए टीम है और कौन किसकी बी टीम? जैसी बातें अक्सर सुनने को मिलती हैं. इस बीच मेरठ हाइवे पर लगे जिस पोस्टर और जौनपुर में अखिलेश यादव (Alhilesh Yadav) के एक बयान को आपस में जोड़ते हुए कयासों का दौर शुरू हुआ उस पर राकेश टिकैत की प्रतिक्रिया आई है. न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक टिकैत ने कहा है कि वो कोई चुनाव नहीं लड़ने जा रहे हैं. ऐसे में किसी भी राजनीतिक दल को उनके पोस्टर्स और नाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

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