यूजीसी के काले कानून के विरोध में सर्व सवर्ण समाज का भारत बंद का आव्हान

 

बिलासपुर.  सर्व सवर्ण समाज, बिलासपुर द्वारा यूजीसी के नए नियमों के विरोध में भारत बंद का आव्हान किया गया है। इस बंद को विभिन्न समाजों और व्यापारीक संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में जारी किए गए नए नियमों को सवर्ण समाज द्वारा काला कानून बताया जा रहा है। इन नियमों के विरोध में देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सवर्ण समाज का आरोप है कि इन नियमों में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है और उन्हें उच्च शिक्षा से वंचित किया जा रहा है ¹.
भारत बंद का उद्देश्य यूजीसी के नए नियमों के विरोध में एकजुटता दिखाना है। सवर्ण समाज का कहना है कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सर्व समाज एक साथ एकत्रित होकर 1 फरवरी रविवार प्रातः 9:00 बजे होकर बिलासपुर बंद करने हेतु सभी से निवेदन करने निकलेंगे नेहरू चौक से,
इस भारत बंद को विभिन्न समाजों और व्यापारीक संगठनों का समर्थन प्राप्त है। 1 फरवरी रविवार बंद के लिए चैंबर ऑफ़ कॉमर्स, व्यापार विहार मर्चेंट एसोसिएशन, बुधवारी बाजार व्यापारी संघ तार बहार नाका व्यापारी संघ बस स्टैंड व्यापारी संघ तेलीपारा व्यापारी संघ शनिचरी बाजार व्यापारी संघ मानसरोवर व्यापारी संघ गोल बाजार व्यापारी संघ देवकीनंदन दीक्षित व्यापारी चौक मेडिकल कंपलेक्स सर्राफा व्यापारी संघ मुंगेली नाका व्यापारी संघ मंगला चौक व्यापारी संघ सरकंडा व्यापारी संघ जूना बिलासपुर व्यापारी संघ पूर्व नाका व्यापारी सॉन्ग राज किशोर नगर व्यापारी संघ राजीव प्लाजा व्यापारी संघ सहित सर्व ब्राह्मण समाज ,अग्रवाल समाज, सिंधु समाज, कायस्थ समाज, पंजाबी समाज, खंडेलवाल समाज, गुजराती समाज ,मारवाड़ी ब्राह्मण समाज ,केशरवानी समाज ,जैनसमाज ,राजपूत छतरिय समाज, बंगाली समाज, तेलुगु ब्राह्मण समाज, महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण समाज, पाटलिपुत्र समाज समस्त सवर्ण समाज ने एक स्वर में यूजीसी के काले कानून के विरोध में इस बंद में सहयोग करने की अपील की है।
1 फरवरी रविवार भारत बंद बिलासपुर बंद के साथ-साथ 2 फरवरी सोमवार 12:00दोपहर देवकीनंदन चौक से कलेक्ट्रेट परिसर तक रैली की शक्ल में सर्व समाज प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने सभी एकत्रित होकर जाएंगे इस ज्ञापन रैली में सर्व समाज एवं समस्त व्यापारी संगठन शामिल होकर काले कानून का विरोध करेंगे।

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