B’day: एक्टर नहीं बनना चाहते थे विवेक ओबेरॉय, पहली ही फिल्म के लिए मिला था फिल्म फेयर

नई दिल्ली. बॉलीवुड में कई स्टार किड्स ने एंट्री ली और सफलता के मुकाम को छुआ तो कुछ गुमनामी में खो गए लेकिन कुछ स्टार्स ने नाम, शोहरत के साथ फैंस भी कमाए. राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘कंपनी’ से बॉलीवुड में कदम रखने वाले एक्टर विवेक ओबेरॉय आज अपना 43वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. एक्टर बनकर बॉलीवुड में नाम कमाने वाले विवेक ओबेरॉय कलाकार नहीं बनना चाहते थे. बता दें कि विवेक ओबेरॉय पिछले दिनों फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ की बायोपिक फिल्म में लीड रोल में नजर आए थे. 

3 सितंबर 1976 में हैदराबाद में जन्में विवेक ओबेरॉय ने अजमेर के मेयो कॉलेज से पढ़ाई पूरी की और मुंबई आ गए. मिठी बाई कॉलेज से गेजुएशन करने के बाद विवेक आगे की पढ़ाई के लिए न्यूयॉर्क गए और वहां से उन्होंने एक्टिंग में मास्टर्स डिग्री हासिल की. दरअसल विवेक ओबेरॉय एक्टर नहीं स्क्रिप्ट राइटर बनना चाहते थे. इसके लिए विवेक ने कई फिल्मों में हाथ भी आजमाया लेकिन 2002 में आई फिल्म ‘कंपनी’ ने विवेक को एक्टर बना दिया. 

15 साल के फिल्मी करियर में विवेक ने ‘साथिया’, ‘मस्ती’, ‘युवा’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी कई शानदार फिल्मों में काम किया. इतना ही नहीं विवेक की फिल्म ‘रक्त चरित्र’ में उनके निभाए गए रोल को लोग आज भी बहुत पसंद करते हैं. विवेक ने ऐश्वर्या राय से रिश्ता टूटने के बाद 4 जुलाई, 2010 में प्रियंका अल्वा से शादी कर ली थी. विवेक और प्रियंका के दो बच्चों हैं. प्रियंका अल्वा कर्नाटक के पूर्व मंत्री दिवंगत जीवराज अल्वा की बेटी हैं. 

बता दें कि विवेक ने छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सीआरपीएफ 219वीं बटालियन की के शहीद हुए जवानों के परिवारों को महाराष्ट्र के ठाणे में 25 फ्लैट्स देने का ऐलान किया था. गौरतलब है कि विवेक ओबेरॉय की खुद की कंपनी कर्म की ओर से शहीद जवानों के परिवारों को ये फ्लैट्स दिए गए थे. 


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