B’day Special: अरुण जेटली, एक कुशल प्रशासक, जो क्रिकेटरों की मदद को रहते थे तैयार

नई दिल्ली. देश आज पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) की 67वां जन्मदिवस मना रहा है. दिग्गज राजनेता और भारतीय जनता पार्टी के जाने माने रणनीतिकार रहे जेटली का 24 अगस्त 2019 को निधन हो गया था. वे देश के वित्त मंत्री के साथ ही रक्षा मंत्री भी रह चुके थे. एक परिपक्व राजनेता और वकील होने के अलावा जेटली का क्रिकेट से गहरा लगाव था. वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष रहे थे.

जेटली लंबे समय तक दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के अध्यक्ष रहे और राजनीति से जुड़े रहते हुए भी उनका क्रिकेट जगत से गहरा संबंध रहा. जब भी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)  में चुनाव का जिक्र होता था तब जेटली की भी चर्चा जरूर होती थी. उनके देश के कई क्रिकेट एसोसिएशन पर गहरा राजनैतिक प्रभाव रहा.

जेटली का निधन 66 साल के उम्र में हुआ था. जेटली लगातार 13 साल तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहे थे. वे 1999 से लेकर 2012 तक डीडीसीए तक अध्यक्ष रहे. उनके कार्यकाल में दिल्ली क्रिकेट कोमें एक विश्व स्तरीय क्रिकेट स्टेडियम, फिरोजशाह कोटला के नवीकरण जैसी सुविधाएं मिली थी. उनके इसी योगदान को देखते हुए इस स्टेडियम का नाम अब अरुण जेटली स्टेडियम कर दिया गया है.

जेटली 1990 में भारतीय क्रिकेट से जुड़े. वे पहले डीडीसीए के सदस्य बने. 1999 में केंद्रीय मंत्री बनने के बाद वे डीडीसीए अध्यक्ष भी बने. 2013 में वे बीसीसीआई के उपाध्यक्ष भी बने लेकिन उसी साल आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग विवाद के कारण उन्होंने यह पद छोड़ दिया था. वे आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य भी रहे थे.

जेटली के डीडीसीए अध्यक्ष पद पर रहते ही दिल्ली की टीम ने वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर, आशीष नेहरा, विराट कोहली, इशांत शर्मा, प्रदीप सांगवान, आकाश चोपड़ा जैसे खिलाड़ी आयें. उन्हें खिलाड़ियों का किंगमेकर भी कहा जाता था. वे खिलाड़ियों की जरूरतों को समझते थे और उनकी समस्याओं का निदान करते थे. वे अंडर-19 में अच्छा कर रहे खिलाड़ियों का नाम भी याद रखते थे.

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