B’day Special: वेस्टइंडीज का वो सितारा जिसकी चमक अब भी बरकरार है
नई दिल्ली. ब्रायन लारा (Brian Lara) आज 51 साल के हो गए हैं. लारा अपनी शानदार बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे. इस कैरिबियाई खिलाड़ी के नाम टेस्ट क्रिकेट में 11,953 और वनडे में 10,405 रन दर्ज हैं. लारा ने क्रिकेट की दुनिया में ऐसे रिकॉर्ड दर्ज किए हैं, जिन्हें आज तक कोई बल्लेबाज तोड़ नहीं पाया है. लारा के नाम टेस्ट और फर्स्ट क्लास मैचों की सबसे बड़ी पारी खेलने का अनूठा रिकॉर्ड दर्ज है. लारा दुनिया के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 400 और प्रथम श्रेणी मैच में 500 रन का बेजोड़ आंकड़ा छुआ था.
लारा की तरक्की में उनके पिता का काफी योगदान रहा है, लेकिन जब साल 2012 में उन्हें आईसीसी ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किया गया तब उनके पिता का निधन हो चुका था. लारा चाहते थे कि इस दिन को देखने के लिए उनके पिता जिंदा होते. उनकी मृत्यु साल 1989 में उस वक्त हो गई थी, जब लारा ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू भी नहीं किया था. शायद किस्मत को यही मंजूर था. लेकिन लारा ने अपने पिता के हर सपने को पूरा किया. उन्होंने क्रिकेट को नई ऊंचाइयां दीं.
12 अप्रैल 2004 को एंटीगा में ब्रायन लारा ने वो पारी खेली थी, जिसने क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचा दिया था. लारा ने इंग्लैंड के खिलाफ 582 गेंदों में 400* रन बनाए थे, इस दौरान उन्होंने 43 चौके और 4 छक्के जड़े थे. लारा दुनिया का पहले और अब तक के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 400 रन का आंकड़ा छुआ है. इससे पहले लारा का सर्वाधिक निजी स्कोर 375 रन था जो उन्होंने साल 1994 में बनाया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने 2003 में 380 रन बनाकर ये रिकॉर्ड तोड़ दिया था. 5 महीने बाद लारा फिर से टॉप पहुंच गए थे.
सचिन की तरह ब्रायन लारा को भी ऑस्ट्रेलिया के सिडनी क्रिकेट ग्राउंड से बड़ा लगाव था. साल 1993 में लारा ने सिडनी में 277 रनों की शानदार पारी खेली. इस पारी के साथ लारा ने इशारों इशारों में ये ऐलान कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक सितारे का जन्म हो चुका है. साल 1996 में उनकी बेटी पैदा हुई तो लारा ने उसका नाम ‘सिडनी’ रखा. लारा ने 21 अप्रैल 2007 को अपना आखिरी वनडे मैच खेला था. वो भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन वो सदियों तक युवा क्रिकेटर्स के लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे.