संवादों और संदेश से दिल जीतने आ रही है ‘चक्कर चवन्नी का’”

“चवन्नी से चक्कर तक: डॉ. अरविंद दीक्षित का सिनेमा में आध्यात्मिक और हास्यपूर्ण पदार्पण”
मुंबई /अनिल बेदाग: हिंदी सिनेमा में जब कोई नया नाम जुनून, आस्था और रचनात्मकता के साथ कदम रखता है, तो वह सफ़र अपने आप में खास बन जाता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला हिंदी फिल्म “चक्कर चवन्नी का” के ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर, जो मुंबई के इम्पा थिएटर में बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
फिल्म के निर्माता और लेखक डॉ. अरविंद दीक्षित हैं, जिनके साथ सह-निर्माता के रूप में श्रीमती रामा दीक्षित जुड़ी हैं। निर्देशन की कमान संभाली है डी. पी. सिंह (देव) ने, जो इससे पहले हिंदी फिल्म बेलगाम बना चुके हैं। दीक्षित फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनी यह फिल्म अपने अनोखे नाम की तरह ही कहानी और प्रस्तुति में भी ताज़गी का एहसास कराती है।
ट्रेलर लॉन्च के दौरान फिल्म की कॉमिक टोन और रहस्यमयी मोड़ों ने सभी का ध्यान खींचा। साउथ की जानी-मानी अभिनेत्री सांची राय विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं और ट्रेलर की खुलकर सराहना की। वहीं, डिजी फिल्मिंग के समर के. मुखर्जी को फिल्म निर्माण में अहम सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया गया।
फिल्म की स्टारकास्ट में प्रिओम गुज्जर, जान्हवी चौहान, जाहिद एम शाह, सुनीता चौहान, रमेश गोयल, दीपू श्रीवास्तव, राज मल्होत्रा, अंजुम खान, नवीन स्टीफन और रिंकू रंगीला जैसे कलाकार शामिल हैं। कॉमेडियन दीपू श्रीवास्तव ने मंच पर अपनी चुटीली कॉमेडी से माहौल को हल्का और मनोरंजक बना दिया, वहीं उनके फिल्मी किरदार को लेकर भी उत्सुकता दिखी।
तकनीकी पक्ष की बात करें तो फिल्म की सिनेमैटोग्राफी अकरम खान, संपादन मोहम्मद सोहेल, संगीत जे.के. आज़मी और पी मैक्स, बीजीएम प्रियराज मंडल, और डीआई अशोक वर्मा ने संभाली है। संवादों में गहराई और दर्शन झलकता है, खासकर पंक्ति —
“प्रभु भाव के भूखे हैं, घी के नहीं”  दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। निर्माता डॉ. अरविंद दीक्षित ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह फिल्मी दुनिया में उनका पहला कदम है। एक कॉलेज के प्रधानाचार्य और हिंदी साहित्य के प्रवक्ता होने के बावजूद, उन्होंने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में भी फिल्म बनाने का साहस किया। राजस्थान की तपती धूप में 11 सितंबर से शुरू हुई शूटिंग और पूरी टीम का समर्पण इस फिल्म को खास बनाता है। निर्देशक देव जी ने निर्माता द्वारा मिली रचनात्मक स्वतंत्रता और पूरी टीम के सहयोग को फिल्म की सफलता का आधार बताया।
“चक्कर चवन्नी का” एक ऐसी फिल्म है जो हास्य, रहस्य और भावनाओं का अनोखा संगम पेश करती है। यह फिल्म 6 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है।
गौरतलब है कि डॉ. अरविंद दीक्षित की आने वाली फिल्मों धन्य धेनु, पलक पुतली, ढैया और भोला  की स्क्रिप्ट तैयार है, और मार्च 2026 से धन्य धेनु की शूटिंग शुरू होगी।
हिंदी सिनेमा में यह सफ़र बताता है कि जब जुनून सच्चा हो, तो चवन्नी भी पूरे चक्कर लगाकर बड़े परदे तक पहुँच सकती है।

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