November 12, 2022
गैस सिलेंडर सब्जियों की माला पहनकर कांग्रेसियों ने किया स्मृति ईरानी का विरोध प्रदर्शन
बिलासपुर. ज़िला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बिलासपुर आगमन का विरोध किया ।विरोध प्रदर्शन में बिलासपुर, तखतपुर,बिल्हा, मस्तूरी,बेलतरा, कोटा ,तिफरा,सँकरी, सिरगिट्टी ,सीपत, रतनपुर,कोटा से बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए । विरोध प्रदर्शन में महिला कांग्रेस ,सेवादल, युवा कांग्रेस ,एनएसयूआई ,सहित विभिन्न मोर्चा संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए । कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का तिफरा में विरोध करते हुए ” स्मृति ईरानी गो बैक ” गो बैक के नारा लगाते रहे ,कांग्रेस जन गले मे टमाटर,नीबु फल ,सब्जियों का माला पहनकर ,बढ़ती महंगाई और नरेंद्र मोदी की अकुशल आर्थिक प्रबन्धन का विरोध किया , बढ़ी संख्या में महिला नेत्रियां शामिल हुई ,हाथ मे तख्ती ,सिलेंडर लेकर केंद्रीय मंत्री को उनके महंगाई विरोधी प्रदर्शन को याद दिलाया ,कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए तिफरा को पुलिस छावनी में तब्दील कर दी गई थी ,चारो ओर पुलिस ही पुलिस थी अडिशनल एसपी स्वयं स्थल पर उपस्थित होकर घटना पर नजर रखे हुए थे, इतनी भीड़ थी कि यातायात को तिफरा बस्ती की ओर डाइवर्ट कर दिया गया था , ज़िला कांग्रेस कमेटी ने छत्तीसगढ़ में पैसेंजर गाड़ियों की परिचालन बन्द करने के विरोध में पूर्व से ही निर्णय लिया हुआ है कि बिलासपुर आने वाले केंद्रीय मंत्रियों को काला झंडा दिखाकर विरोध किया जाएगा, ज़िला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बताया कि यह विरोध छत्तीसगढ़ की गरीब जनता के अधिकार के लिए किया जा रहा है, लगभग लम्बे वर्षों से पैसेंजर गाड़ियों का परिचालन बन्द है ,छोटे छोटे पैसेंजर स्टापो को बंद कर दिया गया है। जिनसे ग्रामीण अंचल के लोग अपनी दैनिक वस्तुओ के लिए शहर आते थे ,गांव में दुकान चलाने वाले ट्रैन से आना जाना करते थे ,दूध बेचने वाले ,बहुत लोग ट्रैन के अंदर समान बेचकर अपना परिवार पालते थे ,आज वो सभी बेरोजगार हो गए है ,गरीबी और भुखमरी में जी रहे है कांग्रेस हर स्तर पर मांग की पर केंद्र की मोदी सरकार को कोई अंतर नही पड़ता ,इसलिये ज़िला कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय मंत्रियों का विरोध का निर्णय लिया शायद सोई हुई मोदी सरकार जाग जाए ? विजय केशरवानी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी तब हुंकार महतारी रैली करना चाहिए था जब छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार में महतरियो का कोख निकाला गया ,जब नसबन्दी कांड में दो दर्जन महिलाये मर गई, अबोध बच्चे अनाथ हो गए ,जिसके अभिशप्त से आज भी महिलाये पीड़ित है,उस पर स्मृति ईरानी एक शब्द नही बोली न आंदोलन की , विजय केशरवानी ने कहा स्मृति जुबिन ईरानी को उत्तर प्रदेश,गुजरात,उत्तराखण्ड जैसे राज्यो में हुंकार महतारी रैली करने की जरूरत है जहाँ बिलकसी बानो के रेपिस्टो के केस वापस लिये जा रहे है, हाथरस रेप ,हत्या कांड,उन्नाव रेप हत्या कांड ,के दोषियों को बचाया गया , भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर, पूर्व केन्द्रीय मंत्री चिन्मयानन्द , पूर्व मंत्री राघव जी ,को छोड़ने का विरोध करे , जबकि छत्तीसगढ़ पूरे देश मे अपराध में निचले स्तर पर है ,विजय केहरवानी ने कहा छत्तीसगढ़ में भाजपा बेनकाब हो चुकी है ,छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता-नेत्री असफल हो चुके है ,इसलिए भाजपा 2023 के चुनाव में जितने के लिये अभिनेत्री को बुला रही है ,विजय केशरावनी ने कहा कि बिलासपुर में रेल ज़ोन लड़कर ,लाठी खा करलिया है ,इस त्याग को इतनी आसानी से नरेंद्र मोदी को ट्रैन बंद करने नही देंगे ,बिलासपुर ज़ोन सबसे अधिक आय देंता है ,जिसका दुष्परिणाम जनता भोग रही है ,पैसेंजर गाड़ियों को बंद कर दिया गया और अपने मित्रों की गुड्स ट्रेने चल रही है ।विजय केशरावनी ने कहा हमारी योग्यता ही हमारी समस्या है। हमने जोन आंदोलन लाठी खाने के लिए नहीं किया..। हमने क्या सोचकर रेल आंदोलन किया..और अब हमारे साथ क्या हो रहा है। रत्नगर्भा धरती के गरीब बेटे आज रेलवे और केन्द्र सरकार की मनमानी के चलते अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। पिछले एक साल में सात बार रेलवे प्रशासन ने दबाव के बाद रेल चलाना तो दूर..एक सप्ताह के भीतर दबाव खत्म होते ही लोगों को नोटबन्दी की तरह संभाग की जनता को काउन्टर पर खड़ा कर दिया है। बिलासपुर समेत संभाग की जनता को दर्जन से अधिक बार टिकट कैन्सिलेशन के लिए घंटों लाइन में खड़े होने को मजबूर किया है। विजय केशरावनी ने बताया कि पिछले एक साल में रेलवे प्रशासन ने आधा दर्जन से अधिक बार कम से सात बार दर्जनों यात्री गाड़ियों को बन्द किया है। जब भी जनता ने दबाव बनाया तो रेलवे प्रशासन ने कुछ एक दिन चुनिन्दा यात्री गाड़ियों का परिचालन तो किया..लेकिन फिर अपग्रेडेशन समेत कई प्रकार का बहाना देकर चलाई गयी गाड़ियों को बन्द कर दिया है। दरअसल ऐसा लगता है कि रेलवे प्रशासन केन्द्र सरकार के इशारे पर बिलासपुर समेत संभाग की जनता को परेशान करने का बीड़ा उठा लिया है।हमारी धरती रत्नगर्भा है। बेशक बिलासपुर देश का सबसे छोटा जोन है…लेकिन एसईसीआर जोन को देश में सबसे कमाऊ पूत का दर्जा हासिल है। यही दर्जा आज हमारी समस्या है। अन्यथा देश के अन्य जोन की गाड़ियों का परिचालन इतने समय तक इतनी संख्या में कभी नहीं किया गया है। बताया गया कि टीकारण के बाद जल्द ही गाड़ियों को शुरू किया जाएगा। गाड़ियों का चलना तो दूर 24 अप्रैल से एक महीने के लिए 40 गाड़ियों को स्टेशनों पर खड़ा कर दिया गया। फिर मई मैं 24 ट्रेनों के परिचालन पर रोक लगाया गया। जून में 36 ट्रेनों को अपग्रेडेशन का हवाला देकर रोका गया। जुलाई में 18 ट्रेन को मरम्मत का बहाना देकर बन्द किया गया। ठीक आजादी पर्व के एक दिन पहले 14 अगस्त को 68 गाड़ियों के पहियों पर रोक लगाया गया। ढाई दशक बाद अब लगता है कि रेलवे जोन सिर्फ कोयला परिवहन करने के लिए ही खोला गया है। यही कारण है कि पिछले एक साल से पटरियों से यात्री गाड़ियां गायब है। सभी लाइन में मालगाड़ी ही मालगाड़ी दिखाई देती है। रिकार्ड तोड़ कोयला परिवहन से हमे नम्बर एक का दर्जा हासिल हो गया है। लेकिन यात्री सुविधा के नाम पर सारे अधिकार को रेलवे प्रशासन ने बन्धक बना लिया है।