बेहद खतरनाक हो सकता है कोरोना का डेल्टा वेरिएंट, WHO ने किया आगाह


नई दिल्ली. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आगाह किया है कि अगर मौजूदा चलन जारी रहता है तो कोविड-19 का डेल्टा वेरिएंट के अन्य वेरिएंट के मुकाबले ज्यादा हावी होने की आशंका है. WHO की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब 85 देशों में इस वेरिएंट के मिलने की पुष्टि हुई है और दुनिया के अन्य देशों में भी इसके मामले सामने आते जा रहे हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के इमरजेंसी प्रोग्राम के हेड डॉक्टर Mike Ryan के मुताबिक डेल्टा वेरिएंट सबसे तेजी से फैलने वाला और सबसे मजबूत वेरियंट है. उनका कहना है कि जहां वैक्सीनेशन की रफ्तार सुस्त है, वहां यह वेरिएंट तेजी से संक्रमण फैला सकता है. बता दें कि पिछले एक हफ्ते में कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट कई अन्य देशों में पहुंच चुका है, अब यह 92 देशों में फैल गया है.

कितने देशों में कौन-से वेरिएंट

अल्फा – 170 देश
बीटा – 119 देश
डेल्टा – 85  देश
गामा – 71 देश

WHO की ओर से 22 जून को जारी कोविड-19 साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में कहा गया कि वैश्विक स्तर पर, अल्फा वेरिएंट 170 देशों, क्षेत्रों या इलाकों में मिला है, बीटा वेरिएंट 119 देशों में, गामा वेरिएंट 71 देशों में और डेल्टा वेरिएंट का 85 देशों में पता चला है.

इन वेरिएंट्स पर WHO की नजर

WHO ने कहा कि चार मौजूदा ‘चिंताजनक स्वरूपों’- अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा पर करीब से नजर रखी जा रही है जो बड़े पैमाने पर फैले हुए हैं और डब्ल्यूएचओ के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्रों में उनका पता चला है.

बढ़ जाती है ऑक्सीजन की जरूरत

सिंगापुर की एक स्टडी के मुताबिक डेल्टा वेरिएंट की वजह से मरीज की ऑक्सीजन की जरूरत, हॉस्पिटल में बेड की जरूरत और मौत का खतरा बाकी वेरिएंट के मुकाबले ज्यादा है. स्टडी में यह भी पाया गया की डेल्टा वेरिएंट में मरीज की सीटी वैल्यू काफी खराब रहती है. कोरोना वायरस के दूसरे मामलों में 13 दिन में सीटी वैल्यू में सुधार हो जाता है लेकिन अगर मरीज डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित है तो सीटी वैल्यू सुधरने में 18 दिन लगते हैं.

वैक्सीन का असर कम

डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित होने पर वैक्सीन कितनी असरदार रहती है इसका आकलन भी किया गया है. हालांकि यह आकलन सीमित मात्रा में किया गया है. यह देखा गया कि कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से पीड़िय मरीजों पर सभी तरह की वैक्सीन का असर कुछ कम देखने को मिलता है, लेकिन वैक्सीन इंफेक्शन के खतरे को कम जरूर कर देती है.

बता दें कि पिछले एक हफ्ते में कोरोना के सबसे ज्यादा नए केस ब्राजील में आए. दूसरे नंबर पर भारत है. लेकिन अच्छी बात यह है कि पिछले एक हफ्ते में ब्राजील में कुल मामले 11% बढ़े जबकि भारत में 30% घटे हैं.

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