बिलासपुर प्रेस क्लब चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज, उठ रही पत्रकार हित में काम करने वाले दबंग प्रतिनिधि की मांग

बिलासपुर. प्रेस क्लब चुनाव को लेकर कलमकारों और उनसे जुड़े करीबियों में सरगर्मी तेज हो गयी है। ये बात अलग है कि सांसद से लेकर नगर परिषद तक के चुनाव में जनजन की आवाज उठाने वाले पत्रकारों के चुनाव की ख़बरें मीडिया की सुर्खियां नहीं बन पा रही, लेकिन आवाज में खनक तो है, जो कह रहे कि बहुत हो गया दमदार प्रतिनिधित्व चाहिए। पत्रकारों के हित के लिए काम होना चाहिए।
जिस तरह से अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों के नाम सामने आ रहे, लग रहा अच्छा और दमदार नेतृत्व उभरकर सामने आएगा। दो से अधिक दावेदार होने के कारण सदस्यों के पास विकल्प ही विकल्प है।
यही वजह है कि डोर टू डोर कैम्पेनिंग हुआ, दावेदारों ने अपना रोड मैप जाहिर किया, अब सदस्य खुलकर कह रहे कि नई परिषद दमदार होनी चाहिए। पत्रकारो और उनके परिवार की चिकित्सा व कल्याण के लिए काम होना चाहिए।
बिलासपुर प्रेस क्लब का इतिहास गौरवशाली रहा है, फिर चाहे वह एसईसीएल के सौजन्य से खडे इंदिरा सेतु के निर्माण का मामला हो या रेलवे जोन के स्थापना को लेकर हुए आंदोलनों और संघर्षो का सबमे बिलासपुर प्रेस क्लब का अहम योगदान रहा। पत्रकारों की सोच है कि फिर वैसा माहौल बने, वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान हो उनका मार्गदर्शन और लगाम दोनों हो।