अमर शहीद हेमू कालानी कीशौर्य गाथा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की उठी मांग

 

शहादत दिवस पर बिलासपुर में उमड़ा जनसैलाब

​बिलासपुर |भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे युवा क्रांतिकारियों में से एक, अमर शहीद हेमू कालानी के बलिदान दिवस के अवसर पर आज स्थानीय वेयरहाउस चौक स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। अमर शहीद हेमू कालानी सांस्कृतिक मंडल, पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत एवं समस्त वार्ड पंचायतों के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर वीर सपूत को नमन किया।

​भावभीनी श्रद्धांजलि एवं गौरव गान

​कार्यक्रम का शुभारंभ वीर सपूत शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने “शहीद हेमू कालानी अमर रहें” के नारों से आकाश गुंजा दिया। वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार मात्र 19 वर्ष की अल्पायु में, जब खेलने-कूदने की उम्र होती है, हेमू कालानी ने देश की अखंडता के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था।

​प्रमुख मांगें एवं शासन का आभार

​श्रद्धांजलि सभा के दौरान सिंधी समाज और प्रबुद्ध नागरिक वर्ग ने देशहित में कुछ महत्वपूर्ण मांगें शासन-प्रशासन के समक्ष रखीं:
​स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग: वक्ताओं ने पुरजोर तरीके से मांग की कि हेमू कालानी के अदम्य साहस और बलिदान की गाथा को स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने वास्तविक नायकों से प्रेरणा ले सके।
​शहीद हेमू कालानी चौक: नगर निगम और प्रदेश सरकार से मांग की गई कि शहर के प्रमुख चौक का नामकरण विधिवत रूप से शहीद हेमू कालानी के नाम पर किया जाए।
​साथ ही, मंडल ने भारत सरकार द्वारा शहीद की स्मृति में डाक टिकट जारी करने और संसद परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया।

​नृत्य नाटिका ने किया भावुक, सजीव हुआ बलिदान

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण युवा कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका रही। इस लघु नाटिका के माध्यम से हेमू कालानी की गिरफ्तारी, उनके द्वारा दी गई यातनाओं को सहना और अंतिम क्षणों में भारत माता की जय के उद्घोष के दृश्यों को सजीव किया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय ने उपस्थित दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए और पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

​गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति

​इस गौरवमयी अवसर पर सिंधी समाज के दिग्गज एवं शहर के प्रतिष्ठित नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
विनोद मेघानी,  डी डी आहूजा,  कुशाल वाधवानी,  मोहन मदवानी,  धनराज आहूजा,  नीरज जाग्यासी, विनीता भावानी,  कंचन जैसवानी, डॉ. मोटवानी,  शत्रुघ्न जैसवानी,  गोपाल सिंधवानी, मुरली नागदेव,  रमेश मेहरचंदानी,  प्रभाकर मोटवानी,  नानक खंडूजा,  बलराम वासु पारवानी, प्रकाश बहरानी, डॉ. ललित मखीजा, अमर रूपानी,  रूपचंद डोडवानी,  शिव धामेचा,  अजय भीमनानी, मुखी सकरी, मुखी रामावेली सहित समस्त वार्डों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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