भाजपा में असंतोष : कार्यकताओं को एकजुट करने की कोशिश

बिलासपुर/अनिश गंधर्व. वर्ष 2018 के चुनाव परिणाम भाजपा के लिये चौंकाने वाले थे। भाजपा को मिली करारी हार के पीछे कार्यकर्ताओं में असंतोष से इंकार नहीं किया जा सकता। लगातार 20 साल तक बिलासपुर विधायक रहे पूर्व मंत्री व भाजपा के कद्दावर नेता अमर अग्रवाल बूथ स्तर पर लगातार बैठक लेकर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश करने में जुट गये हैं। कांग्रेस की सदस्यता अभियान को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता घर-घर दस्तक देकर आगामी चुनावों के लिये रणनीति तय कर रहे हैं। किंतु भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं में अभी भी नाराजगी देखने को मिल रही है। समय रहते इस समस्या को सुधारने की सख्त जरूरत है, नहीं तो आगामी चुनावों में भाजपा को फिर से पराजय का मुंह देखना पड़ सकता है? बहरहाल पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल को कार्यकर्ताओं में फैले असंतोष की लगातार शिकायत मिल रही है। हालात ये हो गये हैं कि जिन पदाधिकारियों को बूथ का प्रभार सौंपा गया है उनके खिलाफ भी कार्यकर्ता अब खुलकर सामने आ रहे हैं।
भाजपा शासन काल में मंत्री रहे अमर अग्रवाल के बंगले में कुछ चिन्हाकित लोगों ने कब्जा जमा रखा था। वे लोग एक आम कार्यकर्ताओं को मंत्री जी से मिलने नहीं देते थे। मंत्री जी भी इस ओर ध्यान नहीं देते थे। इसके बाद वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव परिणाम ने सारा कुछ दूध का दूध और पानी का पानी की तरह साफ कर दिया। समस्या अभी भी जस की तस है। कांग्रेस शासन काल के साढ़े तीन साल पूरे हो चुके हैं। वर्ष 2023 में राज्य में विधानसभा चुनाव होना है। इसके लिये पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल अभी से तैयारी में जुट गये हैं।
वार्ड क्रमांक 31 जूना बिलासपुर में बूथ 147 में 22 अप्रैल को शाम 7 बजे बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में पदाधिकारी नियुक्त करने और घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार सहित पन्ना प्रभारी की नियुक्ति को लेकर चर्चा की गई। इस बैठक में बूथ प्रभारी की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाया गया और आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति को बूथ का प्रभार सौंपा गया है वह तो वार्ड में कभी घूमता ही नहीं है। ऐसे में कार्यकर्ता एकराय होकर कैसे कार्य करेंगे? अब सवाल यह उठता है कि भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले क्षेत्रों में अगर असंतोष है तो इसके लिये जिम्मेदार कौन हैं? कारण चाहे जो भी हो जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को नजर अंदाज करने से खेल बिगड़ सकता है भाजपा आला कमान को इस पर गौर करने की सख्त जरूरत है। कतियापारा स्थित बलराम हिरयाणी के घर हुई बैठक में पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, जिला अध्यक्ष रामदेव कुमावत, अरविंद बोलर, पार्षद बंधु मौर्य, भागवत गुप्ता, दिनेश शर्मा, रामायण केंवट, चंदू मामा, प्रमोद गुप्ता, अजय ताम्रकार, जीवन केंवट, भरत केंवट सहित भाजपा से जुड़े लोग उपस्थित थे।

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