सज रही गली मेरी माँ ” उपन्यास का डॉ.पाठक ने किया विमोचन

बिलासपुर ने किन्नर उपन्यास
लेखन में अर्जित किया नाम
बिलासपुर. प्रतिष्ठत व्यंग्यकार, साहित्यकार  केशव शुक्ला द्वारा लिखित ,किन्नरों पर केंद्रित उपन्यास ” सज रही गली मेरी माँ ” का विमोचन थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार के कुलपति डॉ.विनय कुमार पाठक जी के मुख्यातिथ्य एवं वरिष्ठ साहित्यकार विजय तिवारी जी की अध्यक्षता और पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश बाजपेयी जी,डॉ.ए.के.यदु के विशिष्ट आतिथ्य में हुआ।
       इस अवसर पर डॉ.विनय कुमार पाठक जी ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा ” बिलासपुर ने जहाँ विकलांग विमर्श का बीजारोपण किया वहीं डॉ. अनिता सिंह एवं केशव शुक्ला ने किन्नर केंद्रित उपन्यास का लेखन करके पूरे देश में नाम अर्जित किया है।
   उन्होंने सज रही गली मेरी माँ की समीक्षा करते हुए कहा,आज से 50 वर्ष पूर्व किन्नरों की जो दशा और दिशा थी,उनकी लोकसंस्कृति,मूल प्रकृति और विकृति की परिक्रमा करके उपन्यास के रूप में जो रचनात्मक अवदान दिया गया है वह विशिष्ट है।
          अध्यक्षता करते विजय तिवारी जी ने बिलासपुर के साहित्यिक वैभव की चर्चा करते हुए किन्नर केंद्रित उपन्यास “सज रही गली मेरी माँ” की समीक्षा की।”
          विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश बाजपेयी जी ने कहा- किन्नर उपन्यास लिखना एक दुस्साहस भरा कदम है।इस उपन्यास से किन्नर इतिहास को संबल मिलेगा।विशष्ट अतिथि डॉ.ए.के.यदु ने कहा,आज असली और नकली किन्नरों की पहचान मुश्किल है।इस समस्या के निदान हेतु सनातनी किन्नरों को पहचान कर शुक्ला जी ने उपन्यास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थापना की है।
        अपने लेखकीय संबोधन में केशव शुक्ला ने कहा-विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर मेरी किताब का विमोचन अविस्मरणीय है।
    बुक्स क्लिनिक पब्लिकेशन के डॉयरेक्टर हितेश सिंह बिसेन ने संचालन करते हुए बताया कि यह उपन्यास अमेजन,फिल्पकार्ट,किंडल आदि के माध्यम से पूरी दुनिया में जारी किया गया है।उन्होंने इसके रख-रखाव और प्रबंधन की भी जानकारी दी।
       इस गरिमामय समारोह में सर्वश्री राघवेंद्र दुबे,केदार दुबे,राजेंद्र रंजन गायकवाड़,शैलेंद्र गुप्ता,अंजनी तिवारी ,आर.एन.राजपूत,शिवमंगल शुक्ल, श्रीमती उषाकिरण बाजपेयी कामना पांडेय,सुषमा पाठक ,पूर्णिमा तिवारी,शोभा त्रिपाठी,संगीता बनाफर,आरती कश्यप ,प्रेसक्लब के पूर्व अध्यक्ष तिलकराज सलूजा, राजेश मानस, बजरंगबली शर्मा, अजय शर्मा, विपुल तिवारी गोरेलाल गंगबोइर,खेमचंद साहू,अशर्फीलाल सोनी,रामशंकर शुक्ला,अंजनी तिवारी सत्येंद्र तिवारी राजेश सोनार,ओमप्रकाश बिरथरे, वीणा शुक्ला,सरस्वती सोनी,आशीष श्रीवास,एन.के.शुक्ल,अक्षय कुमावत
रमेश गुप्ता,सुखेन्द्र श्रीवास्तव, रामनिहोर राजपूत सहित पचास से अधिक साहित्य सर्जक उपस्थित थे।
          ज्ञात हो कि ” सज रही गली मेरी माँ ” किन्नरों की पृष्ठभूमि पर लिखी गई दुर्लभ किताब है।उद्योग व्यापार मेले में लगे बुक स्टॉल में यह आयोजन हुआ।

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