उसलापुर रेलवे स्टेशन में ड्रॉप एंड गो सुविधा सिर्फ कागजों में
स्टैंड संचालक की मनमानी से जनता परेशान
पार्किंग के नाम पर जबरन वसूली का आरोप
बिलासपुर। उसलापुर रेलवे स्टेशन में यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई ड्रॉप एंड गो व्यवस्था का आम जनता को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्टेशन परिसर में पार्किंग स्टैंड संचालक की मनमानी के चलते रेलवे प्रशासन की जमकर किरकिरी हो रही है। वाहन चालकों और यात्रियों ने पार्किंग के नाम पर जबरन वसूली किए जाने का आरोप लगाया है।
रेलवे के नियमों के अनुसार ड्रॉप एंड गो के तहत 7 मिनट तक किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए, लेकिन उसलापुर स्टेशन में यह नियम पूरी तरह से बेअसर नजर आ रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि 7 मिनट के भीतर चार पहिया वाहन से स्टेशन परिसर में प्रवेश कर यात्रियों को छोडऩा और बाहर निकलना लगभग असंभव है। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर स्टैंड संचालक द्वारा शुल्क वसूला जा रहा है।
स्थिति यह है कि स्टेशन में प्रवेश के समय पार्किंग कर्मचारी अक्सर मौजूद नहीं रहते, लेकिन जैसे ही वाहन बाहर निकालने की बारी आती है, कर्मचारी सामने आकर जबरन रसीद थमा देते हैं और पैसे की मांग करते हैं। विरोध करने पर भी स्टैंड संचालक अपनी मनमानी पर उतर आते हैं।
भारतीय रेलवे विभाग चहुंमुखी विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार के बड़े दावे कर रहा है, ताकि यात्रियों और उन्हें छोडऩे-लेने आने वाले परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। लेकिन शहर से लगे उसलापुर रेलवे स्टेशन की यह व्यवस्था रेलवे के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।
वाहन चालक और आम नागरिक इस अव्यवस्था के खिलाफ खुलकर विरोध कर रहे हैं। जनहित में आवश्यकता है कि रेलवे प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप करे, स्टैंड संचालक की मनमानी वसूली पर रोक लगाए और ड्रॉप एंड गो व्यवस्था को सही तरीके से लागू करे, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।


