1.25 करोड़ नाम सार्वजनिक करे चुनाव आयोग
नयी दिल्ली.सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल में ‘तार्किक विसंगतियों’ की सूची में शामिल किए गए 1.25 करोड़ मतदाताओं के नाम राज्य के ग्राम पंचायत भवनों, तालुका प्रखंड कार्यालयों और वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं। अदालत ने कहा कि मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और इससे किसी को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने निर्देश दिया कि एसआईआर से प्रभावित होने की संभावना वाले लोगों को अपने दस्तावेज या आपत्तियां प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाए। इसके लिए पंचायत भवनों या ब्लॉक कार्यालयों के भीतर कार्यालय स्थापित किए जाएं। राज्य सरकार पंचायत भवनों और प्रखंड कार्यालयों में तैनाती के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को पर्याप्त श्रमशक्ति उपलब्ध कराएगी। पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य होंगे कि कानून-व्यवस्था की कोई समस्या न हो और सभी गतिविधियां सुचारू रूप से पूरी हों।


