Farmers Protest के बीच PM Modi ने Narendra Singh Tomar की चिट्ठी का किया समर्थन, बताया-विनम्र बातचीत का प्रयास


नई दिल्ली. कृषि कानूनों (Farmers Laws) के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन (Farmers Protest) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की चिट्ठी का समर्थन किया है. नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को किसानों के नाम एक खुला खत लिखा और कहा कि देश के खिलाफ खड़े लोग किसानों को गुमराह कर रहे हैं. अब पीएम मोदी ने किसानों से इस चिट्ठी को पढ़ने का आग्रह किया है.

पीएम मोदी की किसानों और देशवासियों से अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने ट्वीट कर कहा, ‘कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) जी ने किसान भाई-बहनों को पत्र लिखकर अपनी भावनाएं प्रकट की हैं, एक विनम्र संवाद करने का प्रयास किया है. सभी अन्नदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे इसे जरूर पढ़ें. देशवासियों से भी आग्रह है कि वे इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं.’

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का ट्वीट

बता दें कि इससे पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने किसानों के नाम एक चिट्टी शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा था, ‘सभी किसान भाइयों और बहनों से मेरा आग्रह! ‘सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास’ के मंत्र पर चलते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने बिना भेदभाव सभी का हित करने का प्रयास किया है. विगत 6 वर्षों का इतिहास इसका साक्षी है.’

आंदोलन के 22वें दिन कृषि मंत्री ने लिखी चिट्ठी

किसानों के प्रदर्शन (Farmers Protest) के 22वें दिन कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के नाम एक खुली चिट्‌ठी लिखी, जिसमें उन्होंने किसानों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की और साथ ही विपक्ष का मोहरा न बनने की सलाह भी दी. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने 1962 के युद्ध में देश की विचारधारा का विरोध किया था, वही लोग किसानों को पर्दे के पीछे से गुमराह कर रहे हैं, आज वे फिर से 1962 की भाषा बोल रहे हैं.

कृषि मंत्री ने कानूनों पर फैलाए गए झूठ पर दी सफाई 

कृषि कानूनों पर फैलाए गए झूठ पर सफाई देते हुए नरेंद्र सिंह तोमर ने अपनी चिट्ठी में लिखा, ‘कुछ लोग किसानों के बीच लगातार झूठ फैला रहे हैं. किसानों को उनकी बातों में नहीं फंसना चाहिए. पिछले छह साल में हमारी सरकार ने किसानों का मुनाफा बढ़ाने और खेती को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. इनका फायदा छोटे किसानों को मिल रहा है. पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए छह हजार रुपये सालाना देने का मकसद यही था कि इन किसानों को कर्ज न लेना पड़े.’

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!