प्रदेश में पहली बार किसानों को धान बेचने टोकन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा आत्मघाती कदम उठा रहे
अकलतरा के किसान टोकन नहीं मिलने के कारण आत्महत्या करने की कोशिश की, इसके पहले महासमुंद, कोरबा में ये घटना हो चुकी
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अभी भी धान बेचने पंजीकृत तीन लाख से अधिक किसान जिनका पंजीयन नहीं हो पाया है, ऐसे 4 लाख से अधिक किसान धान नहीं बेच पाये। ऐसे में किसानों को भारी आर्थिक क्षति पहुँचेगी। किसान परेशान है भयभीत है। ऐसे में धान खरीदी एक महीना के लिए बढ़ाया जाये। टोकन ऑनलाईन, ऑफलाइन देने की व्यवस्था हो। बारदाना तत्काल दिया जाये। किसानों का पूरा धान खरीदा जाये। किसानों के हित में सरकार हठ धर्मिता छोड़कर तत्काल तिथि बढ़ाने का निर्णय करे।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यह सरकार किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाहती, इसलिए तरह-तरह से अड़चन पैदा करके बाधित कर रही है। समय पर आरओ जारी नहीं करना, धान का उठाव न होना, केंद्रों पर जाम लगना, सर्वर डाउन, पोर्टल में दिक्कत सहित तमाम तकनीकी खामियों, धान के बफर लिमिट से अधिक जमा होने से सूखना, टोकन कटने में देरी, वन पट्टा सत्यापन में समस्या सरकार प्रायोजित षड्यंत्र है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी हो रही है, उन्हें बिचौलियों को कम दाम पर धान बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है, यह सरकार किसान विरोधी चरित्र है।


