गोवा : Congress-MGP विधायकों के दल-बदल का मामला, Speaker ने सुरक्षित रखा फैसला


पणजी. गोवा विधानसभा के अध्यक्ष राजेश पटनेकर ने उन 12 विधायकों के खिलाफ उन्हें अयोग्य ठहराने के अनुरोध वाली अर्जियों पर फैसला शुक्रवार को सुरक्षित रख लिया, जिन्होंने सत्ताधारी बीजेपी में शामिल होने के लिए अपनी पार्टियों को छोड़ दिया था. गोवा कांग्रेस प्रमुख गिरीश चोडानकर और एमजीपी नेता सुदीन धवलीकर द्वारा अगस्त 2019 में अयोग्य ठहराने के अनुरोध वाली याचिकाएं दायर की गई थीं.

कांग्रेस-एमजीपी ने दाखिल की है अर्जी
कांग्रेस ने जहां अपने 10 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने को चुनौती दी है, वहीं एमजीपी की अर्जी उसके दो विधायकों के खिलाफ है, जो सत्तारूढ़ बीजेपी में शामिल हो गए थे. चोडानकर का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता अभिजीत गोसावी ने संवाददाताओं को बताया कि अध्यक्ष ने दिन के दौरान मामले को सुना और फैसला सुरक्षित रख लिया. याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई पिछले साल फरवरी में हुई थी, जिसके बाद देरी से नाराज होकर चोडानकर ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था.

जुलाई में कांग्रेस से बीजेपी में गए थे 10 विधायक
गौरतलब है कि गोवा में जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस में जबर्दस्त सेंध लगाते हुए उसे दो फाड़ कर दिया था और नेता विपक्ष चंद्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में कांग्रेस के दस विधायकों को अपने में शामिल कर लिया था. कांग्रेस के राज्य में 15 विधायक थे. अब पांच बचे हैं. इस चौंकाने वाले घटनाक्रम के अब राज्य विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या 17 से बढ़कर 27 हो गई थी.

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