परीक्षा में भगवान पेपर लिखने नहीं आएंगे, उसके लिए पढ़ाई और मेहनत खुद ही करनी होगी… कथा वाचक जया किशोरी
बिलासपुर। शहर की मिनोचा कॉलोनी में श्री प्रेम सेवा परिवार द्वारा आयोजित नानी बाई का मायरा कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रख्यात कथा वाचक जया किशोरी ने नरसी मेहता की भक्ति और भगवान के चमत्कार का ऐसा वर्णन किया कि पंडाल में मौजूद हजारों लोग भावविभोर हो गए। इस धार्मिक आयोजन में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और अमर अग्रवाल सहित प्रदेश के कई दिग्गज नेता आशीर्वाद लेने पहुंचे।
जया किशोरी ने कथा के दौरान जीवन का बड़ा संदेश देते हुए कहा कि भगवान की भक्ति करने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप मेहनत करना छोड़ दें। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि परीक्षा में भगवान पेपर लिखने नहीं आएंगे, उसके लिए पढ़ाई और मेहनत खुद ही करनी होगी। उन्होंने कुंडली के राजयोग पर चर्चा करते हुए कहा कि कई लोग कहते हैं कि किस्मत में राजयोग लिखा है, लेकिन यह योग तभी फल देता है जब आप विपरीत परिस्थितियों में डटकर मुकाबला करते हैं। मेहनत के बिना राजयोग का कोई अर्थ नहीं है।
कथा में जब नरसी मेहता के मायरा लेकर निकलने का प्रसंग आया, तो सबकी आंखें नम हो गईं। जया किशोरी ने बताया कि कैसे नरसी के पास कुछ नहीं था और लोग उन्हें निर्धन जानकर साथ छोड़ रहे थे। उनकी बैलगाड़ी भी रास्ते में टूट गई, लेकिन भगवान कृष्ण खुद उनकी मदद के लिए आए। 500 साल पुरानी इस घटना को सुनाते हुए उन्होंने बताया कि श्रद्धा सच्ची हो तो भगवान 56 करोड़ का मायरा भी भर देते हैं।
जया किशोरी ने पारिवारिक रिश्तों पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि हर शादी-ब्याह में कोई न कोई ऐसा जरूर होता है जो मान-सम्मान न मिलने पर मुंह फुलाकर बैठ जाता है। उन्होंने अपील की कि बेटी की शादी में सबको सहयोग करना चाहिए, न कि कमियां निकालकर माहौल बिगाड़ना चाहिए। इस दौरान पंडाल की बिजली 15 मिनट के लिए बंद की गई, तब हजारों श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाकर भक्ति गीतों पर झूमते हुए अद्भुत नजारा पेश किया।


