हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शांतिपूर्ण प्रार्थना सभा पर रोक नहीं लगा सकती पुलिस
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि किसी व्यक्ति को अपने निजी आवास में शांतिपूर्ण तरीके से प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए पूर्व से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए पुलिस द्वारा जारी नोटिसों को निरस्त कर दिया और याचिकाकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान न करने के निर्देश दिए।
मामले में याचिकाकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दायर कर पुलिस थाना नवागढ़ द्वारा जारी नोटिसों को चुनौती दी थी। साथ ही 7 दिसंबर 2025 के एक आदेश को निरस्त करने और अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल ग्राम गोधन, तहसील एवं थाना नवागढ़, जिला जांजगीर-चांपा में अपने अपने आवास के वैध स्वामी हैं। दोनों याचिकाकर्ता आपस में रिश्तेदार हैं और उन्होंने अपने मकान की पहली मंजिल पर एक हॉल बनाकर वर्ष 2016 से ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए प्रार्थना सभा आयोजित कर रहे हैं।


